जम्मू-कश्मीर में संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों से बढ़ी सुरक्षा चिंताएं
राजौरी में ड्रोन गतिविधियों का नया मामला
राजौरी : जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में एक बार फिर संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली है। यह घटना उस समय हुई है जब भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को ड्रोन के उपयोग के खिलाफ सख्त चेतावनी दी थी। उसी दिन राजौरी क्षेत्र में दो ड्रोन देखे जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और पूरे इलाके में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
सेना प्रमुख की चेतावनी और ड्रोन मूवमेंट
सेना प्रमुख की चेतावनी के बाद ड्रोन मूवमेंट
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में अपनी वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान को स्पष्ट रूप से बताया कि LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन उड़ाना “किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं” है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) के बीच बातचीत भी हुई है, जिसमें भारत ने जम्मू-कश्मीर में ड्रोन गतिविधियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
सुरक्षा तैयारियों का स्तर
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क
जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारतीय सेना हर स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और किसी भी उकसावे का जवाब दिया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि पश्चिमी सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लगातार चल रहा है।
पिछले मामलों की पुनरावृत्ति
पहले भी सामने आ चुकी हैं ऐसी घटनाएं
राजौरी सेक्टर में ड्रोन देखे जाने की यह पहली बार नहीं है। इससे पहले 11 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा, राजौरी और पुंछ जिलों में कई संदिग्ध ड्रोन गतिविधियों की सूचना मिली थी। अधिकारियों के अनुसार, आगे के क्षेत्रों में कम से कम पांच ड्रोन देखे गए थे, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया।
नौशेरा और सांबा में सुरक्षा अलर्ट
नौशेरा और सांबा में भी अलर्ट
राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में गनिया-कलसियां गांव के पास एक ड्रोन दिखने पर सेना ने फायरिंग की। इसके अलावा, तेरयाथ क्षेत्र के खब्बर गांव के पास भी एक ड्रोन जैसी वस्तु देखी गई थी। इसी तरह, सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में भी एक ड्रोन कुछ समय तक मंडराता हुआ देखा गया, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता
सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क
लगातार सामने आ रही ड्रोन गतिविधियों के मद्देनजर, सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं। ड्रोन के माध्यम से हथियार, विस्फोटक या मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका को नकारा नहीं किया जा सकता। इस स्थिति में, LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी को और कड़ा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी घुसपैठ या साजिश को विफल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
