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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में वृद्धि, आतंकियों के सैटेलाइट फोन का उपयोग

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति एक बार फिर से गंभीर हो गई है, जहां संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा सैटेलाइट फोन के उपयोग की पुष्टि हुई है। इसके चलते सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। जम्मू के कनाचक क्षेत्र में सक्रिय आतंकियों की खोज तेज कर दी गई है, और गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। इस बीच, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का एक भड़काऊ ऑडियो संदेश भी सामने आया है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।
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जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति में वृद्धि, आतंकियों के सैटेलाइट फोन का उपयोग

सुरक्षा हालात में संवेदनशीलता


नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति एक बार फिर से गंभीर हो गई है। जम्मू के कनाचक क्षेत्र में संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा सैटेलाइट फोन के उपयोग की पुष्टि के बाद, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट है, जिससे घुसपैठ की संभावनाएं बढ़ गई हैं। इसी बीच, पाकिस्तान में स्थित जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का एक भड़काऊ ऑडियो संदेश भी सामने आया है।


सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता

खुफिया एजेंसियों ने जम्मू के कनाचक इलाके में थुराया सैटेलाइट कम्युनिकेशन डिवाइस के उपयोग का पता लगाया है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर है। जैसे ही संदिग्ध संचार का पता चला, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। माना जा रहा है कि यह संचार सीमा पार से निर्देश प्राप्त करने या भेजने के लिए किया गया था।


संयुक्त सर्च ऑपरेशन

सूचना मिलने पर स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप, BSF और भारतीय सेना ने मिलकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। पूरे क्षेत्र को घेराबंदी में लेकर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। ऊंचाई वाले और दुर्गम क्षेत्रों में भी जवानों की तैनाती की गई है। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू क्षेत्र में सक्रिय लगभग तीन दर्जन आतंकियों की खोज तेज कर दी गई है।


पिछले घुसपैठ के मार्ग

कनाचक क्षेत्र पहले भी आतंकियों द्वारा घुसपैठ के लिए इस्तेमाल होता रहा है। 2021 और 2022 में पुलिस और सुरक्षा बलों ने यहां से कई पाकिस्तानी ड्रोन बरामद किए थे। इन ड्रोन के माध्यम से हथियार और नशीले पदार्थ भेजने की कोशिशें की गई थीं। इसके बाद से यह क्षेत्र सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है।


गणतंत्र दिवस की तैयारी

आगामी गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए जम्मू क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी संभावित आतंकी साजिश को विफल करने के लिए तलाशी अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।


मसूद अजहर का वायरल ऑडियो

इसी बीच, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर का एक कथित ऑडियो संदेश सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस ऑडियो में वह हजारों फिदायीन होने का दावा करता है और अपने समर्थकों को उकसाने की कोशिश करता है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि हाल ही में भारत द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर में संगठन को भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण मसूद अजहर की बौखलाहट उसके संदेशों में स्पष्ट दिखाई दे रही है।