जम्मू प्रशासन ने सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर लगाया बैन
जम्मू में नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर प्रतिबंध
जम्मू जिला प्रशासन ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस आदेश के तहत, सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले सामग्री पर प्रतिबंध लगाया गया है। यदि कोई व्यक्ति सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील पोस्ट साझा करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट राकेश मिन्हास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 का हवाला देते हुए यह आदेश जारी किया है, जिसमें सार्वजनिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरे में डालने का उल्लेख किया गया है।
यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है और अगले 60 दिनों तक जारी रहेगा। जिला प्रशासन सोशल मीडिया पर नजर रखेगा। यदि कोई गलत या भ्रामक जानकारी फैलाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर किसी भी प्रकार की अराजकता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस नए आदेश के तहत एडिट किए गए वीडियो, छेड़छाड़ किए गए वीडियो और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सामग्री शामिल हैं। ऐसे भ्रामक और नफरत फैलाने वाले वीडियो साझा करने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला मजिस्ट्रेट राकेश मिन्हास ने कहा कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग उत्तेजक, झूठी और भड़काऊ सामग्री फैलाने के लिए किया जा रहा है, जिससे सार्वजनिक शांति में बाधा, सांप्रदायिक तनाव और जान-माल का खतरा उत्पन्न होता है।
आदेश के अनुसार, जम्मू जिले के क्षेत्राधिकार में धर्म, जाति, नस्ल, समुदाय, भाषा या क्षेत्र के आधार पर नफरत और घृणा फैलाने वाले किसी भी सामग्री, छवि, वीडियो, ऑडियो, मीम, ग्राफिक या रील को अपलोड, शेयर या आगे बढ़ाने पर 60 दिनों का प्रतिबंध रहेगा।
यह आदेश जम्मू जिले के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी लोगों पर लागू होगा। यदि किसी भड़काऊ पोस्ट से जिले की सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होती है, तो उस पोस्ट के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कहीं से भी की गई हो। यह आदेश टेलीग्राम, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक और व्हाट्सएप पर भी लागू होगा। जिला प्रशासन 24 घंटे सोशल मीडिया की निगरानी करेगा।
