Newzfatafatlogo

जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को पकड़ा, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

जयपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठग को गिरफ्तार किया है, जो करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी में शामिल था। आरोपी, अक्षय कुमार मीणा, लंबे समय से फर्जी बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के जरिए लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत इस कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी के पास से कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं। जांच जारी है, जिसमें अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 | 
जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी के मास्टरमाइंड को पकड़ा, करोड़ों की धोखाधड़ी का खुलासा

जयपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा


जयपुर: देशभर में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच, जयपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी में शामिल एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से फर्जी बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहा था। पुलिस का दावा है कि इस आरोपी का नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ था और उससे जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग भी मिले हैं। इस कार्रवाई को 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत अंजाम दिया गया है।


गिरफ्तार आरोपी की पहचान

पुलिस ने अक्षय कुमार मीणा नामक एक कुख्यात साइबर ठग को पकड़ा है, जिसके खिलाफ विभिन्न राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन ठगी के मामलों में सक्रिय था और फर्जी पहचान का उपयोग कर लोगों से पैसे निकालता था। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी पर लगभग पांच करोड़ रुपये की साइबर ठगी का आरोप है।


शिकायतों की संख्या

कई राज्यों में दर्ज हैं शिकायतें


जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में 13 से अधिक शिकायतें दर्ज की गई हैं। विभिन्न राज्यों की पुलिस और साइबर सेल उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी बेहद चालाकी से काम करता था, डिजिटल प्लेटफॉर्म और बैंकिंग सिस्टम का गलत इस्तेमाल कर ठगी के पैसे को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करता था, ताकि किसी को उस पर संदेह न हो।


छापेमारी में बरामद सामान

छापेमारी में मिला भारी सामान


पुलिस ने आरोपी के पास से कई संदिग्ध सामान बरामद किए हैं, जिनमें लगभग 6 लाख रुपये नकद, 22 चेक बुक और 16 एटीएम कार्ड शामिल हैं। पुलिस को संदेह है कि इन दस्तावेजों और कार्डों का उपयोग साइबर धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जा रहा था। बरामद सामग्री से यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी का नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है और इसमें अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।


जांच की प्रक्रिया

बैंक खातों और ट्रांजेक्शन की जांच जारी


शिप्रापथ थाना पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन-किन लोगों के संपर्क में था और ठगी के पैसे कहां-कहां ट्रांसफर किए गए। इसके अलावा, पुलिस बरामद बैंक खातों, एटीएम कार्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने किन माध्यमों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया।


आगे की कार्रवाई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। आशंका जताई जा रही है कि इस गिरोह में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत पुलिस आगे भी ऐसे साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन लेनदेन करते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर भरोसा न करें।