जयपुर में 2026 में मनाया जाएगा इंडियन आर्मी डे: जानें इसके महत्व और विशेषताएँ
इंडियन आर्मी डे का महत्व
हर साल 15 जनवरी को भारत में इंडियन आर्मी डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, निष्ठा और बलिदान को सम्मानित करने का अवसर प्रदान करता है। 2026 में इस दिन का 78वां संस्करण राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर फील्ड मार्शल केएम करियप्पा को विशेष रूप से याद किया जाएगा, जिन्होंने 1949 में स्वतंत्र भारत में पहली बार भारतीय सेना की कमान संभाली।
सेना दिवस का उद्देश्य
सेना दिवस का मुख्य उद्देश्य भारतीय थल सेना के जवानों की सेवा और बलिदान को याद करना है। ये जवान न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस दिन देशभर में परेड, सम्मान समारोह और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं ताकि देशवासियों में सैनिकों के योगदान और देशभक्ति की भावना बनी रहे।
फील्ड मार्शल केएम करियप्पा का योगदान
फील्ड मार्शल केएम करियप्पा का जन्म 1899 में कर्नाटक के कुर्ग जिले में हुआ था। उन्होंने 20 वर्ष की आयु में ब्रिटिश इंडियन आर्मी में सेवा शुरू की। स्वतंत्र भारत में 1949 में उन्होंने पहली बार सेना की कमान संभाली और उन्हें 'किपर' के नाम से जाना जाता है। करियप्पा ने 1953 में सेना से सेवानिवृत्ति ली और उन्हें भारत का दूसरा फील्ड मार्शल बनने का गौरव प्राप्त हुआ।
जयपुर में भव्य परेड
2026 के इंडियन आर्मी डे समारोह का आयोजन जयपुर में किया जाएगा। इस परेड में भारतीय सेना की ताकत, तकनीकी क्षमता और अनुशासन का शानदार प्रदर्शन किया जाएगा। यह परेड अब परंपरा से हटकर हर साल अलग-अलग शहरों में आयोजित की जा रही है। इससे पहले 2023 में बेंगलुरु, 2024 में लखनऊ और 2025 में पुणे में परेड आयोजित की गई थी।
नई भैरव बटालियन का प्रदर्शन
इस बार परेड में पहली बार नई भैरव बटालियन को शामिल किया जाएगा। यह विशेष टीम चीन-पाक सीमा और उच्च जोखिम वाले ऑपरेशनों के लिए तैयार की गई है। इसमें 250 सैनिक शामिल होंगे, जिनमें इन्फैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस, सिग्नल और सपोर्ट यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा लद्दाख, कुमाऊं, सिक्किम, डोगरा और गढ़वाल स्काउट्स की बटालियन्स भी मार्च करेंगी।
सेना दिवस का संदेश
सेना दिवस न केवल सेना की ताकत और अनुशासन को प्रदर्शित करता है, बल्कि यह देशवासियों में एकता और देशभक्ति की भावना को भी जगाता है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमारी स्वतंत्रता और सुरक्षा के पीछे कितने समर्पित जवान खड़े हैं, जो हमेशा देश की सेवा में तत्पर रहते हैं।
