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जयपुर में नीट परीक्षार्थी की आत्महत्या की कोशिश, शिक्षक ने बचाई जान

जयपुर में एक 19 वर्षीय नीट परीक्षार्थी ने आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन एक शिक्षक की बहादुरी ने उसकी जान बचा ली। यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर करती है। छात्रा ने परीक्षा के दबाव के कारण यह कदम उठाया, जिससे उसकी मानसिक स्थिति पर सवाल उठते हैं। जानें इस घटना के पीछे की कहानी और विशेषज्ञों की राय।
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जयपुर में नीट परीक्षार्थी की आत्महत्या की कोशिश, शिक्षक ने बचाई जान

जयपुर में आत्महत्या की कोशिश

नीट परीक्षार्थी की आत्महत्या का प्रयास: राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार को एक चौंकाने वाली घटना हुई, जब एक 19 वर्षीय नीट परीक्षार्थी ने महेश नगर के एक कोचिंग संस्थान की छत से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। सौभाग्य से, शिक्षकों की तत्परता और साहस ने एक बड़ी त्रासदी को टाल दिया। यह घटना न केवल शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ते दबाव को उजागर करती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।


पुलिस के अनुसार, चुरू जिले की निवासी यह छात्रा महेश नगर में एक पीजी में रह रही थी। उसने अपने कोचिंग सेंटर की तीसरी मंजिल की छत पर चढ़कर आत्महत्या करने का प्रयास किया। स्थानीय निवासियों ने उसे छत पर देखा और तुरंत शोर मचाया, जिससे कोचिंग संस्थान के कर्मचारियों का ध्यान उसकी ओर गया। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए, एक शिक्षक ने तत्परता दिखाई और छत पर पहुंचकर छात्रा को पीछे से पकड़ लिया, ठीक उसी समय जब वह कूदने की तैयारी में थी।



शिक्षक की बहादुरी


शिक्षक ने छात्रा के प्रतिरोध के बावजूद उसे सुरक्षित नीचे खींच लिया। इस दौरान अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने भी मदद की और छात्रा को शांत करने में सहयोग किया। पुलिस ने बताया कि छात्रा को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया और उसकी काउंसलिंग शुरू की गई। शिक्षक की सजगता और साहस की सभी ने सराहना की। मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने कहा, “उस शिक्षक ने बहुत हिम्मत दिखाई। अगर वह समय पर नहीं पहुंचते, तो एक अनहोनी हो सकती थी।”


मानसिक दबाव और पारिवारिक चिंता


जांच में पता चला कि छात्रा कुछ समय से अपनी पढ़ाई को लेकर तनाव में थी। वह कोचिंग संस्थान की कुछ आंतरिक परीक्षाओं में शामिल नहीं हो रही थी, जिसके कारण उसका आत्मविश्वास कम हो रहा था। घटना से कुछ समय पहले ही उसके परिवार वाले कोचिंग सेंटर में उसकी प्रगति का जायजा लेने आए थे। इस मुलाकात के बाद वह और अधिक परेशान हो गई, जिसके बाद उसने यह खतरनाक कदम उठाया।


मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता


यह घटना शिक्षा क्षेत्र में बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता को दर्शाती है। नीट जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को अक्सर भारी तनाव का सामना करना पड़ता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोचिंग संस्थानों और परिवारों को मिलकर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। काउंसलिंग और प्रेरक सत्र इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकते हैं।