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जयपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी के गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। ये आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। पुलिस ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण सामग्री भी बरामद की है, और गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
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जयपुर में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, 9 आरोपी गिरफ्तार

जयपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

जयपुर पुलिस ने एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। शिप्रापथ और मानसरोवर थाने की टीम ने एक ऐसे साइबर गैंग का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहा था। इस मामले में पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह का मास्टरमाइंड काना राम अभी भी फरार है.


फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। डीसीपी साउथ राजर्षि ने बताया कि शिप्रापथ और टोंक रोड पर दो फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया है। आरोपी खुद को ई-मित्र सर्विस सेंटर का कर्मचारी बताकर लोगों से ठगी कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुख्य आरोपी राकेश सिंघाना झुंझुनू का निवासी है और वह एक हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर है, जिसका संबंध कुख्यात गैंगस्टर रोहित गोदारा से भी बताया जा रहा है.


पुलिस ने बरामद की सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 कंप्यूटर, 32 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 14 सिम कार्ड, 30 एटीएम कार्ड, पासबुक और 2 लाख 35 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी बैंक खातों की खरीद-फरोख्त भी करते थे, जिनका उपयोग ठगी के पैसों को घुमाने में किया जाता था.


जांच जारी

डीसीपी साउथ राजर्षि ने बताया कि आरोपी संगठित तरीके से कॉल सेंटर का संचालन कर रहे थे और लोगों से उनकी निजी जानकारी लेकर ठगी कर रहे थे। पुलिस ने 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और आगे की जांच जारी है। जयपुर पुलिस का मानना है कि इस गिरोह की जड़ें और भी गहरी हो सकती हैं, और मास्टरमाइंड काना राम की तलाश जारी है.