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जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। उन्होंने इसे 'अबकी बार ट्रंप से हार' का प्रतीक बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की। रमेश ने कहा कि इस समझौते से भारतीय किसानों को नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और उन्होंने शर्तों पर पुनर्विचार की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके अलावा, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से सवाल किया कि इतनी जल्दबाजी में समझौता क्यों किया गया।
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जयराम रमेश ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर उठाए सवाल

कांग्रेस नेता का केंद्र सरकार पर हमला


कांग्रेस के प्रमुख नेता जयराम रमेश ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया है। रविवार को उन्होंने कहा कि यह डील 'अबकी बार ट्रंप से हार' का प्रतीक है और इसे तुरंत रद्द कर देना चाहिए। उनका यह बयान अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द करने के बाद की स्थिति में आया है।


व्यापार सौदे की शर्तों पर पुनर्विचार की आवश्यकता

रमेश ने यह भी कहा कि भारत ने बिना पर्याप्त लाभ के रियायतें दी हैं और इस व्यापार सौदे की शर्तों पर दोबारा बातचीत होनी चाहिए। विशेष रूप से, कृषि उत्पादों के आयात उदारीकरण से संबंधित खंड को समाप्त किया जाना चाहिए।


ट्रंप से हार का सबूत

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2019 में 'ह्यूस्टन में अबकी बार ट्रंप सरकार' का नारा दिया था, लेकिन यह अंतरिम समझौता 'अबकी बार ट्रंप से हार' का प्रमाण है।


जयराम रमेश ने कहा कि इस समझौते में दोनों पक्षों को अपनी प्रतिबद्धताओं में संशोधन करने की अनुमति है। ट्रंप के टैरिफ में बदलाव के बाद, भारत को भी अपने दायित्वों पर पुनर्विचार करने का अधिकार है। उन्होंने कहा, 'हमारी प्राथमिकता खाद्य और कृषि उत्पादों पर टैरिफ को कम करने या समाप्त करने की है। पीएम से हमारी मांग है कि इस पर फिलहाल रोक लगाई जाए।'


किसानों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव

उन्होंने चेतावनी दी कि यह व्यापार समझौता जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के सोयाबीन, मक्का, फल, मेवे और कपास उगाने वाले किसानों को नकारात्मक रूप से प्रभावित करेगा।


जल्दबाजी में समझौता करने का सवाल

रमेश ने प्रधानमंत्री और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से सवाल किया कि उन्हें दिसंबर से ही पता था कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला कभी भी आ सकता है। ऐसे में इतनी जल्दबाजी में समझौता क्यों किया गया? उन्होंने कहा कि हमें इस समझौते की शर्तों पर पुनर्विचार करना चाहिए क्योंकि यह एकतरफा है और इससे लाखों भारतीय किसानों को नुकसान होगा। रमेश ने कहा कि वे इस समझौते के संभावित परिणामों पर चर्चा करने के लिए कई राज्यों के किसानों के साथ 'महा किसान महा चौपाल' का आयोजन करेंगे।