जयशंकर की ब्रुसेल्स यात्रा: भारत-ईयू एफटीए से नई संभावनाओं का उदय
भारत के विदेश मंत्री का महत्वपूर्ण दौरा
भारत और यूरोपीय संघ के बीच नए अवसरों की शुरुआत
ब्रुसेल्स में अपने दौरे के दौरान, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों पक्षों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। उन्होंने इसे वैश्विक स्तर पर आशा की एक नई किरण बताया।
जयशंकर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में यह एफटीए अत्यधिक महत्वपूर्ण है, जो भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संभावनाओं के द्वार खोलेगा। उन्होंने इस समझौते के लाभों को वास्तविकता में बदलने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
ब्रुसेल्स में उच्च स्तरीय वार्ताएँ
विदेश मंत्री ने यूरोपीय संघ के नेताओं और विदेश मंत्रियों के साथ गहन चर्चा की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्होंने ईयू फॉरेन अफेयर्स काउंसिल के सदस्यों से मुलाकात की।
इस दौरान, उन्होंने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उसुर्ला वॉन डेर लेयेन और ईयू की विदेश नीति प्रमुख काजा कैलास के साथ भी बातचीत की।
जोखिम कम करने पर ध्यान केंद्रित
तकनीकी सहयोग पर चर्चा करते हुए, जयशंकर ने कहा कि ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल को और प्रभावी बनाकर महत्वपूर्ण तकनीकों में साझेदारी को मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि सप्लाई चेन में जोखिम कम करना और लचीलापन बढ़ाना दोनों पक्षों का साझा लक्ष्य है। इसके साथ ही, कौशल और प्रतिभा का प्रवाह बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भारत में लीगल गेटवे ऑफिस की स्थापना को एक सकारात्मक कदम मानते हुए, उन्होंने सुरक्षा सहयोग को भी प्राथमिकता दी।
