जापान की अनोखी योजना: युवाओं को डेटिंग ऐप्स के जरिए शादी के लिए प्रोत्साहित करना
जापान की नई पहल
डिजिटल डेस्क। जापान की सरकार जनसंख्या में कमी की गंभीर समस्या से निपटने के लिए एक नई योजना लेकर आई है। इस योजना के तहत युवाओं को डेटिंग ऐप्स का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है, और इसके लिए आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को रिश्तों, विवाह और परिवार की ओर आकर्षित करना है। जापान के Kochi Prefecture ने ‘मीटिंग सपोर्ट प्रोजेक्ट ग्रांट’ नामक योजना शुरू की है, जिसके तहत अविवाहित युवाओं को डेटिंग ऐप्स के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार चाहती है कि युवा इन प्लेटफॉर्म्स पर एक-दूसरे को जानें, रिश्ते बनाएं और अंततः विवाह करें।
वास्तव में, जापान में युवाओं के बीच रिश्तों और विवाह के प्रति उदासीनता बढ़ती जा रही है। इसके पीछे महंगाई, बदलती जीवनशैली, करियर पर ध्यान केंद्रित करना और आर्थिक अस्थिरता जैसे कारक जिम्मेदार हैं। कई युवा शादी और बच्चों को जन्म देने से बच रहे हैं, जिससे देश की जनसंख्या में निरंतर कमी आ रही है। इस योजना के अंतर्गत 20 से 39 वर्ष के अविवाहित योग्य युवाओं को सालाना 20,000 येन (लगभग 11,752 रुपये) तक की सब्सिडी दी जाएगी। यह राशि डेटिंग ऐप्स पर रजिस्ट्रेशन और सब्सक्रिप्शन के खर्च के लिए प्रदान की जाएगी, ताकि युवाओं के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग करना आसान हो सके।
यह योजना 1 अप्रैल 2026 से लागू की गई है। सरकार को उम्मीद है कि इससे अधिक युवा सक्रिय रूप से रिश्तों की ओर बढ़ेंगे और विवाह के लिए प्रेरित होंगे, जिससे भविष्य में जनसंख्या वृद्धि में सहायता मिलेगी। सरकार केवल ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स तक सीमित नहीं है; जो संस्थाएं ऑफलाइन तरीके से लोगों को मिलाने का कार्य करती हैं, उन्हें भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवाओं को आमने-सामने मिलने का अवसर मिलेगा, जिससे रिश्ते मजबूत होने और विवाह तक पहुंचने की संभावना बढ़ेगी।
जापान में लगातार गिरती जन्मदर सरकार के लिए एक बड़ी चिंता बन चुकी है। वर्ष 2025 में जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या लगभग 7 लाख रही, जो कई दशकों में सबसे कम मानी जा रही है। इसके साथ ही, जापान दुनिया के सबसे तेजी से वृद्ध हो रहे देशों में से एक है। वर्ष 2024 में 65 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या 3.6 करोड़ से अधिक हो गई, जो कुल जनसंख्या का लगभग 29 प्रतिशत है। युवा जनसंख्या में कमी और बुजुर्गों की संख्या में वृद्धि से देश के आर्थिक और सामाजिक संतुलन पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। यही कारण है कि अब जापान सरकार ऐसे नए प्रयोग कर रही है, जिससे युवा विवाह और परिवार की ओर फिर से आकर्षित हो सकें।
