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जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि: सरकार ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि हुई है। हालांकि, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक वृद्धि 8.5 प्रतिशत है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि घरेलू एयरलाइंस के लिए कीमतों में केवल 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जिससे यात्रियों पर किराए का दबाव कम होगा। जानें इस निर्णय के पीछे की वजह और नई दरें क्या हैं।
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जेट फ्यूल की कीमतों में वृद्धि: सरकार ने लिया महत्वपूर्ण निर्णय

जेट फ्यूल की कीमतों में बदलाव

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। इस बीच, दिल्ली में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में वृद्धि की खबरें आई थीं। पहले यह बताया गया था कि एटीएफ की कीमतें दोगुनी होकर दो लाख रुपये प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं। हालांकि, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक वृद्धि इससे कम है। ATF की कीमतों में लगभग 8.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, और वर्तमान में यह लगभग 1.04 लाख रुपये प्रति किलोलीटर है।


सरकार का संतुलित निर्णय

केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने जैसी असाधारण परिस्थितियों के कारण 1 अप्रैल से एटीएफ की कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की आशंका थी। उन्होंने बताया कि 2001 से डीरगुलेटेड एटीएफ की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क के आधार पर हर महीने तय होती हैं, लेकिन वर्तमान स्थिति में सरकार ने संतुलित और व्यावहारिक निर्णय लिया है।



यात्रियों के हित में निर्णय

उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर घरेलू एयरलाइंस के लिए ATF कीमतों में केवल 25 प्रतिशत (लगभग 15 रुपये प्रति लीटर) की आंशिक और चरणबद्ध बढ़ोतरी लागू की है, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए पूरी बाजार आधारित कीमत लागू रहेगी। मंत्री ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का आभार व्यक्त किया।


यह कदम यात्रियों को किराए में तेज बढ़ोतरी से बचाएगा, एयरलाइंस पर लागत का दबाव कम करेगा और इस चुनौतीपूर्ण समय में एविएशन सेक्टर की स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा। इसके अलावा, इस निर्णय से कार्गो मूवमेंट और व्यापार-लॉजिस्टिक्स के लिए आवश्यक एयर कनेक्टिविटी भी सुचारू बनी रहेगी, जिससे व्यापक अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा।


बता दें कि 1 अप्रैल 2026 से लागू नई दरों के अनुसार, दिल्ली में एटीएफ की कीमत 96,638.14 रुपये से बढ़कर 1,04,927 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है। कोलकाता में यह 99,587.14 रुपये से बढ़कर 1,09,450 रुपये, मुंबई में 90,451.87 रुपये से बढ़कर 98,247 रुपये और चेन्नई में 1,00,280.49 रुपये से बढ़कर 1,09,873 रुपये प्रति किलोलीटर हो गई है।