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जोधपुर स्कूल का अनोखा समर्थन: कैंसर पीड़ित छात्रा के लिए सभी ने मुंडवाए सिर

राजस्थान के जोधपुर में एक स्कूल ने कैंसर से पीड़ित छात्रा के समर्थन में सभी छात्रों और शिक्षकों ने अपने सिर मुंडवाए। यह अनोखी पहल छात्रा को अकेलापन और शर्मिंदगी से बाहर निकालने के लिए की गई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें सभी मुंडवाए हुए सिर वाले बच्चे और शिक्षक एकजुटता का परिचय दे रहे हैं। जानें इस प्रेरणादायक कहानी के बारे में और कैसे सामूहिक प्रयास किसी की जिंदगी में उम्मीद की किरण जगा सकते हैं।
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जोधपुर स्कूल का अनोखा समर्थन: कैंसर पीड़ित छात्रा के लिए सभी ने मुंडवाए सिर

जोधपुर में मानवता की मिसाल

जोधपुर: राजस्थान के जोधपुर जिले से एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है। यहां एक स्कूल का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सभी छात्र और शिक्षक सिर मुंडवाए हुए दिखाई दे रहे हैं। इस सामूहिक मुंडन का उद्देश्य धार्मिक नहीं, बल्कि एक भावनात्मक समर्थन है। दरअसल, यह स्कूल अपनी कैंसर से पीड़ित छात्रा के साथ खड़ा हुआ है, ताकि उसे बीमारी से लड़ने की ताकत मिल सके और उसका आत्मविश्वास लौट सके।


कैंसर से जूझती छात्रा की कहानी

वायरल वीडियो के अनुसार, स्कूल की एक छात्रा कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त है। कीमोथेरेपी और दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण उसके बाल पूरी तरह झड़ गए थे। इस स्थिति ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया था और वह गहरे डिप्रेशन में चली गई थी। उसे ऐसा महसूस होने लगा था कि वह अन्य बच्चों से अलग दिखती है, जिससे वह अकेलापन महसूस करने लगी थी।


साथ देने का अनोखा तरीका

‘तुम अकेली नहीं हो’: स्कूल ने छात्रा को इस अकेलेपन से बाहर निकालने के लिए एक अनोखी पहल की। सभी सहपाठियों और शिक्षकों ने अपने सिर के बाल मुंडवा लिए, ताकि छात्रा को यह एहसास हो सके कि वह इस मुश्किल समय में अकेली नहीं है। वीडियो में सभी मुंडवाए हुए सिर वाले बच्चे और शिक्षक एक साथ खड़े नजर आ रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि एक-दूसरे के दुख में साथ खड़ा होना भी असली शिक्षा है।


सोशल मीडिया पर सराहना

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पहल की प्रशंसा कर रहे हैं। यूजर्स इसे मानवता और सहयोग का बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह वीडियो जोधपुर के किस स्कूल का है और यह घटना कब की है। फिर भी, इस वीडियो ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है कि सामूहिक प्रयास किसी की जिंदगी में उम्मीद की किरण जगा सकते हैं।