जोहरान ममदानी के नोट पर बीजेपी की कड़ी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में नया विवाद
नई दिल्ली: न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद को भेजे गए एक निजी नोट ने भारतीय राजनीति में नया विवाद उत्पन्न कर दिया है। इस पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि किसी विदेशी प्रतिनिधि को भारत की न्यायिक प्रक्रिया और आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। बीजेपी ने इसे देश की संप्रभुता से संबंधित गंभीर मुद्दा बताया है.
नोट का सोशल मीडिया पर प्रसार
यह विवाद तब शुरू हुआ जब जोहरान ममदानी का एक हस्तलिखित नोट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया गया। यह नोट उमर खालिद की साथी बानो ज्योत्सना लाहिड़ी द्वारा पोस्ट किया गया था। उन्होंने लिखा कि जब जेलें अलग-थलग करने की कोशिश करती हैं, तब शब्द सीमाएं पार कर जाते हैं। नोट में ममदानी ने उमर खालिद की बातों को याद करते हुए कड़वाहट से दूर रहने का संदेश दिया था.
बीजेपी का कड़ा रुख
बीजेपी का तीखा पलटवार
शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत किसी भी प्रकार के बाहरी हस्तक्षेप को सहन नहीं करेगा। भाटिया ने सवाल उठाया कि एक विदेशी मेयर को भारत के लोकतंत्र और न्यायपालिका पर टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने इसे अनुचित और अस्वीकार्य बताया.
संप्रभुता की रक्षा
संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं
गौरव भाटिया ने कहा कि भारत के लोग अपनी न्यायिक व्यवस्था पर पूरा भरोसा रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि देश की संप्रभुता को चुनौती दी जाती है, तो पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एकजुट होकर जवाब देगा। बीजेपी प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी के समर्थन में बयान देना और उसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बनाने की कोशिश करना भारत के खिलाफ साजिश जैसा है.
उमर खालिद का कानूनी मामला
उमर खालिद का कानूनी मामला
उमर खालिद पर फरवरी 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े गंभीर आरोप हैं। उनके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी UAPA और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज है। जांच एजेंसियों के अनुसार, इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। खालिद और अन्य आरोपियों को दंगों का मास्टरमाइंड बताया गया है.
राजनीतिक और कूटनीतिक प्रभाव
राजनीतिक और कूटनीतिक असर
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी का मानना है कि ऐसे बयान भारत की न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर दिखाने की कोशिश हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यह मामला केवल एक नोट तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आंतरिक व्यवस्था से जुड़ा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा कूटनीतिक स्तर पर भी चर्चा का विषय बन सकता है.
