झारखंड में तंत्र-मंत्र के नाम पर मां ने की बेटी की बलि: जानिए पूरी कहानी
खौफनाक बलि की घटना झारखंड में
झारखंड में एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां ने तंत्र-मंत्र के प्रभाव में आकर अपनी 13 वर्षीय बेटी की बलि दे दी। इस मामले में पुलिस ने मां सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
हजारीबाग में हुई घटना ने मचाई हलचल
यह घटना हजारीबाग जिले के कुसुमभा गांव में नवरात्र की अष्टमी की रात हुई, जिसने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। पुलिस ने इस मामले में लड़की की मां, एक तांत्रिक महिला और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
बच्ची की हत्या की भयावह कहानी
पुलिस के अनुसार, 24 मार्च की रात, जब पूरा गांव राम नवमी के जुलूस में था, उसी समय शांति देवी के घर पर 13 वर्षीय लड़की का गला घोंटकर हत्या कर दी गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में 35 वर्षीय मां रेशमी देवी, 55 वर्षीय तांत्रिक शांति देवी और 40 वर्षीय भीम राम शामिल हैं।
तांत्रिक के खौफनाक निर्देश
हजारीबाग के एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि रेशमी देवी अक्सर अपने छोटे बेटे की बीमारियों के इलाज के लिए तांत्रिक के पास जाती थीं। तांत्रिक ने उन्हें बताया कि बेटे को ठीक करने के लिए एक कुंवारी लड़की की बलि देनी होगी, जिसके बाद रेशमी देवी ने अपनी बेटी की बलि चढ़ाने का निर्णय लिया।
अनुष्ठान के दौरान की गई क्रूरता
पुलिस के अनुसार, तांत्रिक शांति देवी ने लड़की के गुप्तांगों में लकड़ी की छड़ी डालने का निर्देश दिया, जबकि भीम राम ने खून निकालने के लिए उसके सिर पर वार किया। इसके बाद, मां और भीम राम ने मिलकर उसका गला घोंट दिया और शव को गांव के बगीचे में दफना दिया।
झूठे आरोप और सच्चाई का खुलासा
आरोपियों ने शुरुआत में रेप का झूठा दावा किया, लेकिन पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट ने इस दावे को खारिज कर दिया। एसपी ने बताया कि भीम राम पर पहले भी हत्या के आरोप हैं।
हाई कोर्ट का संज्ञान
झारखंड हाई कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद और जस्टिस संजय प्रसाद की बेंच ने मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर यह कार्रवाई की।
विपक्ष का विरोध प्रदर्शन
इस घटना के विरोध में भाजपा ने हजारीबाग में 12 घंटे का बंद रखा। पहले, लड़की की मां ने दावा किया था कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया था और बाद में उसका शव गांव के खेत में मिला।
