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टी20 वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका के चार प्रमुख खिलाड़ियों का वीजा हुआ खारिज

भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। अमेरिकी क्रिकेट टीम के चार प्रमुख खिलाड़ियों का वीजा भारत ने खारिज कर दिया है, जिससे उनकी भागीदारी पर संदेह गहरा गया है। इस मामले में सुरक्षा कारणों का हवाला दिया जा रहा है, क्योंकि ये खिलाड़ी पाकिस्तानी मूल के हैं। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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टी20 वर्ल्ड कप 2026: अमेरिका के चार प्रमुख खिलाड़ियों का वीजा हुआ खारिज

भारत और श्रीलंका में होने वाले टी20 वर्ल्ड कप में विवाद

नई दिल्ली: भारत और श्रीलंका द्वारा आयोजित होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के शुरू होने में अब कुछ ही दिन बचे हैं, लेकिन टूर्नामेंट से पहले एक बड़ा विवाद सामने आया है। बांग्लादेश के भारत न आने की धमकियों के बीच, अमेरिकी क्रिकेट टीम के चार प्रमुख खिलाड़ियों का वीजा भारत ने खारिज कर दिया है, जिससे उनकी भागीदारी पर संदेह गहरा गया है।


अली खान ने सोशल मीडिया पर साझा किया दर्द

वीजा रद्द होने की जानकारी सबसे पहले अमेरिकी टीम के तेज गेंदबाज अली खान ने सोशल मीडिया पर साझा की। उन्होंने एक पोस्ट में बताया कि उन्हें भारत आने का वीजा नहीं मिला है। इसके बाद खेल पत्रकार पीटर डेला पेन्या ने खुलासा किया कि केवल अली खान ही नहीं, बल्कि उनके तीन अन्य साथी—बल्लेबाज शायन जहांगीर, मोहम्मद मोहसिन और एहसान आदिल—का वीजा आवेदन भी खारिज कर दिया गया है।


पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ी अमेरिका के लिए खेलते हैं

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूरी टीम में से केवल इन चार खिलाड़ियों का वीजा क्यों रोका गया? इसकी वजह चौंकाने वाली है। ये सभी खिलाड़ी भले ही अब अमेरिका के लिए खेलते हैं, लेकिन इनका गहरा संबंध पाकिस्तान से है। अली खान पाकिस्तानी पंजाब से हैं, जबकि शायन जहांगीर कराची के निवासी हैं और पाकिस्तान की अंडर-19 टीम का हिस्सा रह चुके हैं।


एक खिलाड़ी ने पाकिस्तान के लिए टेस्ट मैच खेले हैं

यह जानकर हैरानी होती है कि वीजा न पाने वाले एहसान आदिल पाकिस्तान की राष्ट्रीय टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने पाकिस्तान के लिए 3 टेस्ट और 5 वनडे मैच खेले हैं। माना जा रहा है कि उनके 'पाकिस्तानी बैकग्राउंड' के कारण सुरक्षा कारणों से उनका वीजा अटक गया है। हालांकि, इस मुद्दे पर अभी तक अमेरिकी क्रिकेट बोर्ड या भारत सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस घटना ने वर्ल्ड कप से पहले राजनीतिक और खेल के क्षेत्र में हलचल बढ़ा दी है।