ट्रंप और मोदी के बीच फोन वार्ता: होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा
ट्रंप और मोदी की बातचीत
नई दिल्ली - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत की है, जो पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हुई। इस वार्ता की जानकारी मंगलवार को भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने दी। भारत ने हमेशा विवादों को सुलझाने के लिए संवाद और कूटनीति पर जोर दिया है।
यह दोनों नेताओं के बीच पहली टेलीफोनिक बातचीत है, जो हाल ही में शुरू हुए युद्ध के बाद हुई। उन्होंने मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और खुला नौवहन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। यह क्षेत्र वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है, और हालिया संघर्ष के कारण यहां तनाव बढ़ गया है।
सर्जियो गोर ने बताया कि ट्रंप ने मोदी से बात की और मध्य पूर्व में चल रहे हालात, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की आवश्यकता शामिल थी, पर चर्चा की। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध लगभग 25 दिनों से जारी है। ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले और अवरोध के कारण वैश्विक तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत इस क्षेत्र से 60 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल और गैस का आयात करता है, जिससे संकट सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित कर रहा है।
पीएम मोदी ने सोमवार को लोकसभा और मंगलवार को राज्यसभा में इस संकट को 'चिंताजनक' बताया और कहा कि भारत सभी पक्षों (ईरान, इजरायल, अमेरिका और गल्फ देशों) के साथ लगातार संपर्क में है। उन्होंने तनाव कम करने और संवाद के महत्व पर जोर दिया। सोमवार को ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच सार्थक बातचीत जारी है। उनके प्रतिनिधियों की ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक रही है, जिसके चलते उन्होंने अपने अधिकारियों को ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर अगले पांच दिनों तक हमला न करने का निर्देश दिया है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच कोई बातचीत नहीं हो रही है। इससे पहले ट्रंप ने ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था।
