ट्रंप का अगला लक्ष्य क्यूबा, सैन्य कार्रवाई की संभावना
ट्रंप के बयान से क्यूबा में चिंता
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ लाने के संकेत दिए हैं। मियामी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा कि ईरान और वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा की बारी हो सकती है। हालांकि, ट्रंप ने यह स्पष्ट नहीं किया कि अमेरिका क्यूबा के खिलाफ किस प्रकार की कार्रवाई कर सकता है, लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा कि "मजबूत सेना का उपयोग कभी-कभी आवश्यक होता है।"
क्यूबा की आर्थिक स्थिति
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के सत्ता से हटने के बाद क्यूबा पहले से ही गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। ट्रंप के हालिया बयानों ने वहां की सरकार की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। अपनी सैन्य ताकत का उल्लेख करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैंने एक विशाल सेना बनाई है। मैंने कहा था कि आपको इसका उपयोग कभी नहीं करना पड़ेगा, लेकिन कभी-कभी ऐसा करना पड़ता है। वैसे, क्यूबा अगला है।"
संभावित सैन्य कार्रवाई
ट्रंप ने क्यूबा की स्थिति को "फ्रेंडली टेकओवर" (मैत्रीपूर्ण अधिग्रहण) की संभावना के रूप में भी प्रस्तुत किया, हालांकि उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात इसके विपरीत दिशा में भी जा सकते हैं। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास द्वीप के साथ "कुछ भी" करने की क्षमता है और वे इसे "आजाद" करने या "कब्जा" करने का अवसर प्राप्त करना चाहते हैं।
तेल आपूर्ति पर प्रभाव
हाल के घटनाक्रमों में, वेनेजुएला में अमेरिकी समर्थित कार्रवाई के बाद मादुरो के सत्ता से हटने से क्यूबा को मिलने वाली तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। वेनेजुएला लंबे समय से क्यूबा का प्रमुख ईंधन आपूर्तिकर्ता रहा है। आपूर्ति रुकने से क्यूबा में बिजली संकट और आवश्यक वस्तुओं की कमी बढ़ गई है, जिससे वहां की स्थिति और गंभीर हो गई है।
राजनयिक विकल्प
कड़े बयानों के बावजूद, राजनयिक विकल्प अभी भी खुले हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों और क्यूबा नेतृत्व के बीच बातचीत जारी है। अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज़-कानेल को पद से हटाना बताया जा रहा है। डियाज़-कानेल ने भी वॉशिंगटन के साथ बातचीत की पुष्टि की है, क्योंकि हवाना फिलहाल किसी भी सीधे सैन्य टकराव से बचने की कोशिश कर रहा है।
