ट्रंप का ईरान के साथ समझौते का संकेत: होर्मुज स्ट्रेट जल्द खुलेगा
ट्रंप का बयान
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो होर्मुज स्ट्रेट तुरंत खोला जाएगा। यह बयान ईरान के साथ चल रही वार्ताओं में प्रगति का संकेत माना जा रहा है।
समझौते की प्रक्रिया
ट्रंप ने यह जानकारी बुधवार को व्हाइट हाउस में दी। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार हाल की सैन्य झड़पों और कूटनीतिक प्रयासों के बाद ईरान के साथ एक नया समझौता करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, “जैसे ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होंगे, होर्मुज स्ट्रेट खुल जाएगा।”
महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग
होर्मुज स्ट्रेट विश्व के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है, जो फारस की खाड़ी को अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों से जोड़ता है। यहां किसी भी प्रकार की रुकावट कई देशों के लिए चिंता का विषय बन जाती है, जिसमें भारत भी शामिल है।
बातचीत की दिशा
ट्रंप ने संकेत दिया कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में बढ़ रही है और समझौता जल्द ही हो सकता है। जब उनसे पूछा गया कि यह कब तक संभव है, तो उन्होंने कहा, “अगर यह होता है, तो शायद इसी सप्ताह के अंत तक।”
परमाणु हथियारों का मुद्दा
राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बना सके। उन्होंने कहा, “हम परमाणु हथियार नहीं रखेंगे और न ही विकसित करेंगे।”
ईरान के परमाणु स्थलों पर कार्रवाई
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान मिलकर ईरान के परमाणु स्थलों पर बची हुई सामग्री को हटाने और नष्ट करने का कार्य कर सकते हैं। उन्होंने कहा, “हम जल्द ही वहां जाएंगे और उस सामग्री को नष्ट कर देंगे।”
तनाव की स्थिति
हालांकि ट्रंप ने स्वीकार किया कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी भी काफी अधिक है, लेकिन उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं से बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
हिज़्बुल्लाह से संपर्क
ट्रंप ने एक कूटनीतिक संपर्क का भी उल्लेख किया, जिसे उन्होंने अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहली बार हिज़्बुल्लाह से बात की है और दोनों पक्षों ने गोलीबारी न करने पर सहमति जताई है।
इजरायल के साथ सहयोग
ट्रंप ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को एक बेहतरीन साझेदार बताया और कहा कि अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई ने क्षेत्र में बड़े संकट को रोकने में मदद की है।
