ट्रंप का ईरान पर बड़ा बयान: हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर 50% टैक्स
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर के बाद ट्रंप का बयान
वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए सीजफायर के बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण और चौंकाने वाला बयान दिया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान में एक सकारात्मक सत्ता परिवर्तन हुआ है और अमेरिका की 15 शर्तों में से कई पर ईरान ने अपनी सहमति दी है। इस नए समझौते के तहत, ईरान में यूरेनियम का संवर्धन नहीं किया जाएगा और अमेरिका ईरान के साथ सहयोग करेगा। हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी दी है कि जो भी देश ईरान को हथियार मुहैया कराएगा, उस पर 50 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया जाएगा।
हथियार सप्लाई करने वाले देशों पर कड़ी कार्रवाई
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में स्पष्ट किया है कि ईरान को हथियार देने वाले देशों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों से अमेरिका में आने वाले सभी सामान पर 50 प्रतिशत का कड़ा टैरिफ लगाया जाएगा और इस मामले में किसी भी देश को कोई छूट नहीं मिलेगी। ट्रंप की यह चेतावनी वैश्विक व्यापार पर गहरा असर डाल सकती है, क्योंकि इससे उन देशों के उत्पाद अमेरिका में महंगे हो जाएंगे। पश्चिम एशिया में पहले से चल रहे तनाव के बीच, ट्रंप का यह कड़ा रुख वैश्विक कूटनीति और व्यापारिक रिश्तों को और अधिक जटिल बना सकता है।
परमाणु अवशेषों पर कड़ी निगरानी
परमाणु हथियारों के मुद्दे पर ट्रंप ने कहा कि ईरान में यूरेनियम का संवर्धन पूरी तरह से रोका जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका वहां बचे हुए परमाणु अवशेषों को जमीन से निकालने का काम करेगा। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के सभी परमाणु ठिकानों पर हाई-टेक सैटेलाइट के जरिए चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है और फिलहाल वहां किसी भी चीज के साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है। अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि ईरान इन शर्तों का पालन करता है, तो अमेरिका उसके साथ सहयोग करेगा और इसके बदले में ईरान पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
