ट्रंप का बयान: अमेरिका वेनेजुएला के साथ युद्ध में नहीं है
ट्रंप का स्पष्ट बयान
वाशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ किसी भी युद्ध में शामिल नहीं है और वहां चुनाव कराने का कोई दबाव नहीं डाला जाएगा। उनका कहना है कि पहले देश की स्थिरता को सुनिश्चित करना आवश्यक है और टूटे हुए ढांचे को फिर से स्थापित करना होगा। वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद स्थिति अस्थिर हो गई है। ट्रंप ने कहा कि अगले 30 दिनों में वहां चुनाव नहीं होंगे, क्योंकि मौजूदा हालात चुनाव कराने के लिए अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने कहा, “हमें पहले देश को ठीक करना होगा। अगर लोग वोट नहीं दे सकते, तो चुनाव नहीं हो सकते।”
अर्थव्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर ध्यान
ट्रंप ने बताया कि अमेरिका का ध्यान वहां कानून-व्यवस्था बहाल करने और अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने पर है। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला को धीरे-धीरे संभालना होगा और इसमें समय लगेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी तेल कंपनियां वेनेजुएला के ऊर्जा क्षेत्र और तेल ढांचे को पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उनके अनुसार, यह कार्य 18 महीनों से कम समय में पूरा किया जा सकता है। अमेरिका इस प्रक्रिया में कुछ सहायता कर सकता है, लेकिन अधिकांश खर्च तेल कंपनियों द्वारा उठाया जाएगा।
ड्रग्स और अपराध के खिलाफ लड़ाई
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेजुएला के साथ युद्ध में नहीं है, बल्कि वे उन लोगों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं जो ड्रग्स का व्यापार करते हैं। उन्होंने कहा, “हम उन लोगों के साथ युद्ध में हैं जो अपने अपराधियों को हमारे देश में भेजते हैं।” उन्होंने वेनेजुएला की स्थिति के लिए वहां के नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि मादुरो को अमेरिकी कार्रवाई के दौरान पकड़ा गया था।
संभावित सैन्य कार्रवाई की चेतावनी
ट्रंप ने कहा कि अगर सहयोग टूटता है, तो अमेरिका दूसरी सैन्य कार्रवाई के लिए भी तैयार है, हालांकि उन्हें उम्मीद है कि इसकी आवश्यकता नहीं पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सांसदों को अमेरिकी कार्रवाई की जानकारी थी और उन्हें कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है।
