Newzfatafatlogo

ट्रंप का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कड़ा विरोध, व्यापारिक अधिकारों को बताया मजबूत

डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिसमें उन्होंने इसे मूर्खतापूर्ण और विभाजनकारी बताया। ट्रंप का कहना है कि इस निर्णय ने उनके व्यापारिक अधिकारों को और मजबूत किया है, जबकि इससे चीन जैसे देशों को लाभ होगा। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस फैसले के प्रभावों पर चर्चा की और टैरिफ नीति के बारे में भी जानकारी दी। जानें इस मामले में क्या है आगे की स्थिति और वैश्विक व्यापार पर इसका क्या असर पड़ेगा।
 | 
ट्रंप का सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कड़ा विरोध, व्यापारिक अधिकारों को बताया मजबूत

ट्रंप की तीखी प्रतिक्रिया

वॉशिंगटन: पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले ने अनजाने में उनके व्यापारिक अधिकारों को और अधिक मजबूत बना दिया है। ट्रंप ने इसे 'अनपेक्षित, मूर्खतापूर्ण और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभाजनकारी' करार दिया, यह भी कहा कि इससे चीन जैसे देशों को लाभ होगा जबकि अमेरिका को नुकसान उठाना पड़ेगा।


सोशल मीडिया पर ट्रंप की टिप्पणी

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने बताया कि अदालत की टिप्पणियों के कारण उन्हें लाइसेंसिंग प्रावधानों के माध्यम से अधिक व्यापक और प्रभावी कर और शुल्क लगाने का अधिकार मिल सकता है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कोर्ट ने कुछ प्रकार के टैरिफ लगाने की उनकी शक्ति पर रोक भी लगाई है।


सुप्रीम कोर्ट का निर्णय


हाल ही में, सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप की टैरिफ नीति के एक बड़े हिस्से को रद्द कर दिया था। अदालत ने यह माना कि ट्रंप प्रशासन ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) समेत कुछ आपातकालीन शक्तियों का दुरुपयोग किया। इस निर्णय के बाद उनके व्यापारिक शुल्क लगाने के अधिकारों पर सीमाएं तय कर दी गईं।


टैरिफ की घोषणा

फैसले के तुरंत बाद, ट्रंप ने सभी आयात पर अतिरिक्त 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की और इसे बाद में 15 प्रतिशत तक बढ़ाने का संकेत दिया। यह कदम अदालत के फैसले के बावजूद उठाया गया। इस बीच, चीन ने अमेरिका से एकतरफा टैरिफ वापस लेने की मांग की है, यह कहते हुए कि इससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ रहा है। भारत सहित कई देशों के लिए फिलहाल 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लागू रहेगा, जिससे अल्पकालिक राहत की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटनाक्रम से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी और व्यापार नीतियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।