ट्रंप की ओमान को चेतावनी: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नहीं होगा किसी का नियंत्रण
ट्रंप की चेतावनी
वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि वह ईरान के साथ चल रही संवेदनशील वार्ता में हस्तक्षेप न करे। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपनी नजर बनाए रखेगा। बुधवार को व्हाइट हाउस में आयोजित कैबिनेट बैठक के दौरान पत्रकारों ने ट्रंप से पूछा कि क्या वह ऐसे अस्थायी समझौते को स्वीकार करेंगे, जिसमें ईरान और ओमान इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का संयुक्त रूप से नियंत्रण करेंगे। इस पर ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, “नहीं, यह समुद्री मार्ग सभी के लिए खुला रहेगा।”
अंतरराष्ट्रीय जल का महत्व
उन्होंने आगे कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जल है और इस पर किसी का नियंत्रण नहीं होगा। हम इस पर नजर रखेंगे, लेकिन इसे कोई नियंत्रित नहीं करेगा। यह हमारी बातचीत का एक हिस्सा है। ट्रंप ने ओमान को चेतावनी देते हुए कहा कि उसे अन्य देशों की तरह ही व्यवहार करना होगा, अन्यथा हमें कार्रवाई करनी पड़ेगी। ट्रंप की यह टिप्पणी उस खबर के बाद आई, जिसमें ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया था कि उसे ईरान-अमेरिका समझौते का एक अनौपचारिक मसौदा मिला है।
समझौते का मसौदा
इस मसौदे के अनुसार, एक महीने के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को पहले की तरह बहाल किया जाएगा और ईरान तथा ओमान मिलकर वहां का संचालन करेंगे। इस प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया था कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी रोक को हटाएगा और ईरान के आसपास से अपनी सैन्य उपस्थिति को कम करेगा। हालांकि, अमेरिकी पक्ष ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से गलत बताया है। इस बीच, ओमान लगातार ईरानी अधिकारियों के संपर्क में है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बातचीत जारी है।
ओमान और ईरान के बीच बातचीत
24 मई को ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र बिन हमद अल बुसेदी के नेतृत्व में ओमानी अधिकारियों ने ईरान के उप विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता और क्षेत्र की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की। ओमान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता से संबंधित सिद्धांतों पर विचार किया।
समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
बयान में कहा गया कि हाल की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए, दोनों पक्षों ने समुद्री सुरक्षा, व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की। बैठक के दौरान अल बुसेदी को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का एक मौखिक संदेश भी सौंपा गया, जो ईरान-अमेरिका बातचीत से संबंधित था। इस संदेश में कहा गया कि दोनों देश स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सुरक्षित और स्थायी तरीके से जहाजों की आवाजाही बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
