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ट्रंप ने ईरान युद्ध पर दी जानकारी, लंबी लड़ाई के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध में मारे गए सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि अमेरिका लंबी लड़ाई के लिए तैयार है। उन्होंने अभियान की अवधि को लेकर अपने विचार साझा किए और ईरान पर समझौतों से पीछे हटने का आरोप लगाया। नाटो महासचिव ने भी इस संघर्ष में नाटो के शामिल न होने की बात कही। जानें इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर ट्रंप के और क्या विचार हैं।
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ट्रंप ने ईरान युद्ध पर दी जानकारी, लंबी लड़ाई के लिए तैयार

अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैनिकों को दी श्रद्धांजलि


वॉशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमले किए जा रहे हैं, जबकि ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस युद्ध में अमेरिका को भी नुकसान उठाना पड़ा है, लेकिन अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि कितने सैनिक मारे गए हैं।


ट्रंप का बयान: अभियान की अवधि महत्वपूर्ण नहीं

व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत के दौरान, ट्रंप ने कहा कि अभियान की अवधि कोई मायने नहीं रखती। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने निर्धारित समय से आगे बढ़कर कार्रवाई की है, और यदि आवश्यक हुआ तो यह अभियान चार से पांच सप्ताह से अधिक समय तक चल सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें इस ऑपरेशन में थकान या ऊब नहीं महसूस होती।


ईरान पर आरोप और सुरक्षा की आवश्यकता

ट्रंप ने ईरान पर समझौतों से पीछे हटने का आरोप लगाया, जिसके कारण सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता पड़ी। उन्होंने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति ओबामा के समय का परमाणु समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की दिशा में ले जा रहा था। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका अब यह सुनिश्चित कर रहा है कि ईरान की क्षमताएं सीमित रहें और क्षेत्रीय सुरक्षा मजबूत हो।


नाटो का ईरान युद्ध में शामिल न होने का निर्णय

नाटो महासचिव मार्क रुटे ने स्पष्ट किया कि नाटो ईरान के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई की सराहना करते हुए, ईरान की परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना महत्वपूर्ण है। हालांकि, नाटो के तौर पर युद्ध में शामिल होने की कोई योजना नहीं है।