ट्रंप ने मादुरो की गिरफ्तारी पर पुतिन के खिलाफ कार्रवाई की संभावना को खारिज किया
वेनेजुएला के राष्ट्रपति की गिरफ्तारी से मची हलचल
वाशिंगटन: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा एक गुप्त ऑपरेशन में पकड़े जाने के बाद वैश्विक स्तर पर हलचल मच गई है। इस घटना के बाद यह चर्चा शुरू हो गई थी कि क्या अमेरिका रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ भी ऐसा कोई कठोर कदम उठाएगा। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इन अटकलों को समाप्त कर दिया। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा कि पुतिन के खिलाफ मादुरो जैसी किसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' या सैन्य कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
पुतिन के साथ अमेरिका के संबंध
‘पुतिन के साथ हमारे अच्छे संबंध रहेंगे’
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने हाल ही में एक गुप्त इशारा करते हुए कहा था कि अगर तानाशाहों के साथ ऐसा व्यवहार (जैसे मादुरो की गिरफ्तारी) किया जा सकता है, तो अमेरिका को पता है कि आगे क्या करना है। जेलेंस्की का इशारा स्पष्ट रूप से पुतिन की ओर था, जिनके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) का वारंट भी है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि पुतिन के खिलाफ ऐसी किसी कार्रवाई की आवश्यकता होगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका के रूस और पुतिन के साथ बहुत अच्छे संबंध रहेंगे, जैसा कि हमेशा से रहे हैं।
यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप की निराशा
यूक्रेन युद्ध खत्म न होने से ट्रंप निराश
हालांकि ट्रंप ने पुतिन के खिलाफ सैन्य कार्रवाई से इनकार किया है, लेकिन उन्होंने यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचाव पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की है। तेल और गैस क्षेत्र के अधिकारियों के साथ एक बैठक में ट्रंप ने अपनी निराशा जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल में आठ युद्ध सुलझाए हैं। उन्हें उम्मीद थी कि यूक्रेन-रूस युद्ध भी जल्दी सुलझ जाएगा, लेकिन वे इस बात से निराश हैं कि यह अभी भी जारी है। ट्रंप ने युद्ध की भयावहता का जिक्र करते हुए बताया कि पिछले महीने इस संघर्ष में 31,000 लोग मारे गए हैं, जिनमें से अधिकांश रूसी सैनिक थे।
वेनेजुएला के तेल भंडार पर नजर
वेनेजुएला के तेल पर नजर और काराकस में विरोध
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद, ट्रंप ने वेनेजुएला के भविष्य को वहां के विशाल तेल भंडार से जोड़ा है। उन्होंने अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए वहां निवेश का आमंत्रण दिया है। ट्रंप का दावा है कि कंपनियां वहां 100 अरब डॉलर तक का निवेश करने को तैयार हैं और वहां से होने वाली आय अमेरिकी प्राथमिकताओं के लिए उपयोग की जाएगी। हालांकि, अमेरिका की इस 'जीत' के खिलाफ वेनेजुएला की राजधानी काराकस में गुस्सा फूट पड़ा है। लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि अमेरिका उनके संसाधनों को लूटना चाहता है। 70 वर्षीय नागरिक कार्यकर्ता जोसेफिना कास्त्रो ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतना सब होने के बाद वेनेजुएला को ट्रंप को तेल की एक बूंद भी नहीं देनी चाहिए।
