Newzfatafatlogo

ट्रम्प का ईरान पर बयान: परमाणु हथियारों को पागलों के हाथ में नहीं जाने देंगे

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को वैश्विक सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए कहा कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने ईरान के युद्ध रोकने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है और परमाणु मुद्दे पर बातचीत की शर्तें रखी हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इजराइल पर गैर कानूनी युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 | 
ट्रम्प का ईरान पर बयान: परमाणु हथियारों को पागलों के हाथ में नहीं जाने देंगे

ईरान के खिलाफ युद्ध का निर्णय


ट्रम्प का ईरान पर कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान वैश्विक सुरक्षा के लिए एक गंभीर खतरा है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। उनका मानना है कि यदि ऐसा नहीं किया गया, तो ईरान के पास परमाणु हथियार होते, जिससे इजराइल, मध्य पूर्व और यूरोप को खतरा होता।


ट्रम्प ने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के युद्ध रोकने के प्रस्ताव को एक बार फिर अस्वीकार कर दिया है। इससे पहले, ईरान ने 26 और 27 अप्रैल को भी एक प्रस्ताव भेजा था, जिसे अमेरिका ने ठुकरा दिया था।


परमाणु मुद्दे पर बातचीत की शर्तें

एनरिच्ड यूरेनियम सौंपने की आवश्यकता


व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, ईरान के नए प्रस्ताव में परमाणु मुद्दे का उल्लेख नहीं है, जिससे ट्रम्प असंतुष्ट हैं। ईरान का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोलना चाहिए, जबकि ट्रम्प चाहते हैं कि परमाणु मुद्दे पर बातचीत एक साथ हो। ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को बातचीत के लिए आने से पहले एनरिच्ड यूरेनियम सौंपना होगा।


अमेरिका और इजराइल का युद्ध

गैर कानूनी युद्ध का आरोप


ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने अमेरिका और इजराइल पर गैर कानूनी युद्ध शुरू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों का यह अधिकार है कि वे ट्रम्प प्रशासन से पूछें कि यह युद्ध क्यों किया गया। बघाई ने कहा कि ईरान पर हमला बिना किसी उकसावे के किया गया और इसमें कई अनियमितताएँ थीं।


उन्होंने एक वीडियो साझा किया, जिसमें अमेरिकी सांसद किर्स्टन गिलिब्रैंड सीनेट की सुनवाई में कह रही हैं कि उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं था कि ईरान अमेरिका पर तुरंत हमला करने वाला था।