ट्रम्प ने ईरानी नेतृत्व को बताया बेईमान, यूएई पर हमलों का खुलासा
यूएई ने ईरान पर किया गुप्त सैन्य हमला
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरानी नेतृत्व को बेईमान करार दिया है। उनका कहना है कि ईरानी नेता अपनी बातों को बार-बार बदलते हैं और वार्ता को खींचते हैं। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि जिन दस्तावेजों को पहुंचने में 20 मिनट लगने चाहिए, उन्हें ईरान 5 दिन बाद भेजता है।
शांति वार्ता में उलझे विवादित मुद्दे
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता कई विवादित मुद्दों में फंसी हुई है। इनमें होर्मुज स्ट्रेट, ईरानी जहाजों की अमेरिकी नाकेबंदी, परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे मुद्दे शामिल हैं।
लावान द्वीप पर हमला
वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर गुप्त सैन्य हमले किए। रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में ईरान के लावान द्वीप स्थित ऑयल रिफाइनरी को निशाना बनाया गया, जिससे वहां बड़ी आग लगी और उत्पादन प्रभावित हुआ।
तेहरान का जवाब
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह हमला अप्रैल की शुरुआत में हुआ, जब ट्रम्प युद्धविराम की घोषणा कर रहे थे। ईरान ने कहा कि रिफाइनरी दुश्मन के हमले में क्षतिग्रस्त हुई है, जिसके बाद उसने यूएई और कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
यूएई का अधिकार
यूएई ने इन हमलों को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया है, लेकिन विदेश मंत्रालय ने कहा है कि देश को किसी भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई का जवाब देने का अधिकार है, जिसमें सैन्य कार्रवाई भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इस हमले से नाराज नहीं था, क्योंकि उस समय युद्धविराम पूरी तरह लागू नहीं हुआ था।
ईरान का चीन के 4-पॉइंट प्लान का समर्थन
चीन में ईरान के राजदूत अब्दोलरेजा रहमानी फजली ने कहा है कि ईरान, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के 4 पॉइंट प्लान का समर्थन करता है, जिसका उद्देश्य खाड़ी क्षेत्र में स्थायी सुरक्षा और विकास लाना है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि ईरान इस प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए तैयार है।
चार मुख्य बातें
इस योजना में शामिल हैं: पश्चिम एशिया और फारस की खाड़ी में शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाना, सभी देशों की संप्रभुता और सीमाओं का सम्मान करना, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना, और विकास और सुरक्षा को साथ लेकर चलना।
