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डीआरडीओ का 68वां स्थापना दिवस: रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को दी बधाई

डीआरडीओ ने अपने 68वें स्थापना दिवस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी। इस अवसर पर संगठन की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता के प्रयासों पर चर्चा की गई। जानें डीआरडीओ के महत्व और इसके योगदान के बारे में।
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डीआरडीओ का 68वां स्थापना दिवस: रक्षा मंत्री ने वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को दी बधाई

डीआरडीओ का स्थापना दिवस मनाया गया


नई दिल्ली: रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने आज अपना 68वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने संगठन के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों को बधाई दी। डीआरडीओ की स्थापना 1958 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में की गई थी, और इस वर्ष यह संगठन 68 वर्ष पूरे कर रहा है।


संगठन की स्थापना का उद्देश्य

डीआरडीओ की स्थापना का मुख्य उद्देश्य भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही, यह विज्ञान और प्रौद्योगिकी में देश की क्षमता को बढ़ाने का भी प्रयास करता है। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों और कर्मचारियों की मेहनत और उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत की दिशा में डीआरडीओ के योगदान पर भी जोर दिया।


प्रतिबद्धता और उत्कृष्टता की सराहना

रक्षा मंत्री ने डीआरडीओ के कर्मचारियों की राष्ट्र के प्रति गहरी भावना की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "डीआरडीओ दिवस पर सभी कर्मचारियों, वैज्ञानिकों और उनके परिवारों को मेरी ओर से बधाई।" उन्होंने यह भी कहा कि वैज्ञानिकों की प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय कर्तव्य की भावना भारत की रक्षा तैयारियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण है।


डीआरडीओ: देश का सबसे बड़ा अनुसंधान संगठन

डीआरडीओ भारत का सबसे बड़ा और विविध अनुसंधान संगठन है, जो स्वदेशी तकनीकों का विकास कर सशस्त्र बलों की आत्मनिर्भरता को बढ़ा रहा है। इस संगठन में लगभग 5000 वैज्ञानिक और 25000 अन्य तकनीकी और सहायक कर्मचारी शामिल हैं, जो देश की रक्षा क्षमता को मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।


डीआरडीओ का प्रयोगशाला नेटवर्क

डीआरडीओ के पास 52 प्रयोगशालाओं का एक बड़ा नेटवर्क है, जो विभिन्न क्षेत्रों में रक्षा प्रौद्योगिकियों का विकास कर रहा है। इनमें हथियार, एयरोनॉटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, और मिसाइल तकनीक शामिल हैं। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने भी इस अवसर पर सभी डीआरडीओ कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। पिछले वर्ष, डीआरडीओ ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें ओडिशा तट से 'प्रलय' मिसाइलों का सफल प्रक्षेपण शामिल है।