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डीएमआर अस्पताल निर्माण में फर्जी एनओसी का मामला: जांच शुरू

मुरादाबाद में डीएमआर अस्पताल के निर्माण में फर्जी एनओसी का मामला सामने आया है। डॉ. मंजेश राठी पर आरोप है कि उन्होंने सरकारी नजूल की भूमि पर अवैध रूप से अस्पताल का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री से शिकायत के बाद, जिलाधिकारी को मामले की जांच का आदेश दिया गया है। इस मामले में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की भूमिका भी संदिग्ध है। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और प्रशासन की कार्रवाई के बारे में।
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डीएमआर अस्पताल निर्माण में फर्जी एनओसी का मामला: जांच शुरू

मुरादाबाद में डीएमआर अस्पताल का विवाद


मुरादाबाद। सरकारी नजूल की भूमि पर डीएमआर अस्पताल का निर्माण करने वाले डॉ. मंजेश राठी की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रधानमंत्री को की गई शिकायत के बाद, इस मामले की जांच मुरादाबाद के जिलाधिकारी को सौंपी गई है। इस जांच में डॉ. राठी के अस्पताल निर्माण पर कड़ी कार्रवाई की संभावना है। लंबे समय से, सरकारी नजूल की भूमि पर चल रहे इस निर्माण को लेकर कई रिपोर्ट्स प्रकाशित की गई थीं। इन रिपोर्ट्स में बताया गया था कि डॉ. राठी ने अपने प्रभाव का उपयोग करते हुए फर्जी एनओसी के माध्यम से अस्पताल का निर्माण किया है।


इस मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी गई थी, जिसके बाद जिलाधिकारी को जांच का आदेश दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के आवास एवं शहरी नियोजन विभाग द्वारा जारी एक पत्र में कहा गया है कि इस मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए। डीएमआर अस्पताल का निर्माण अवैध रूप से सरकारी नजूल की भूमि पर हो रहा है, और मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की भूमिका भी संदिग्ध है। जब इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से लेकर जिलाधिकारी तक की गई, तब भी कुछ अधिकारियों और लेखपालों की मिलीभगत से डॉ. राठी का निर्माण कार्य जारी रहा।


डीएमआर अस्पताल निर्माण में फर्जी एनओसी का मामला: जांच शुरू


इस पूरे मामले में कमीशनर, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण और जिलाधिकारी के बीच कई विरोधाभास देखे गए हैं। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने लगातार अपनी रक्षा करने की कोशिश की है, जबकि जिलाधिकारी ने पहले जांच के निर्देश भी दिए थे।


ज्ञात हो कि, नजूल की सरकारी भूमि पर लगभग 6000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में बहु-मंजिला डीएमआर अस्पताल का निर्माण अवैध रूप से किया जा रहा है। यह अस्पताल सिविल लाइंस में ग्राम छावनी के नजूल लैंड संख्या 470 पर बन रहा है। ग्राम छावनी में नजूल लैंड का भूखंड संख्या 470 का क्षेत्रफल 4.95 एकड़ है। इसमें केवल 2714 वर्ग मीटर भूमि फ्री होल्ड है, जबकि शेष 17,318 वर्ग मीटर नजूल भूमि है, जो सरकार के कब्जे में होनी चाहिए। नजूल रिकॉर्ड के अनुसार, जिस भूमि पर डॉ. राठी अस्पताल बना रहे हैं, वह फ्री होल्ड एरिया नहीं है। वास्तव में, फ्री होल्ड एरिया पीछे है, जहां पहले से ही निर्माण हो चुका है। इसका मतलब है कि डॉ. मंजेश राठी ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नजूल की बहुमूल्य 6000 वर्ग मीटर से अधिक सरकारी भूमि पर कब्जा कर लिया है और खुलेआम बहु-मंजिला डीएमआर अस्पताल का निर्माण कर रहे हैं, जबकि प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।