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डीएमके मंत्री के बयान पर राजनीतिक हलचल, नेताओं ने की आलोचना

डीएमके मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम के उत्तर भारतीयों पर दिए गए बयान ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। इस बयान की आलोचना विभिन्न नेताओं द्वारा की गई है, जिन्होंने इसे देश की एकता के खिलाफ बताया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने इस पर प्रतिक्रिया दी है, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद ने इसे राष्ट्र का अपमान करार दिया। बिहार सरकार के मंत्री और एआईएडीएमके के प्रवक्ता ने भी इस बयान की निंदा की है। जानिए इस विवाद के सभी पहलुओं के बारे में।
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डीएमके मंत्री के बयान पर राजनीतिक हलचल, नेताओं ने की आलोचना

राजनीति में गरमी

डीएमके के मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम द्वारा उत्तर भारतीयों के बारे में दिए गए बयान ने देश की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस बयान की आलोचना सत्ताधारी और विपक्षी नेताओं द्वारा की गई है, जिन्होंने इसे देश की एकता के खिलाफ बताया है।


केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि कुछ नेता केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे विवादास्पद बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है, और ऐसे बयान देश की सोच को नहीं बदल सकते।


भाजपा प्रवक्ता की टिप्पणी

भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने डीएमके मंत्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत का मूल मंत्र विविधता में एकता है, और इस तरह के बयानों से नकारात्मक सोच का पता चलता है।


समाजवादी पार्टी का दृष्टिकोण

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने इस बयान को राष्ट्र का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि भारत विभिन्न भाषाओं, पहनावों और संस्कृतियों का देश है, और यही इसकी पहचान है।


बिहार सरकार के मंत्री की निंदा

बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने भी इस बयान की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से देश में एकता और भाईचारे का माहौल बिगड़ता है।


कांग्रेस सांसद का संतुलित रुख

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने इस मामले पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि डीएमके मंत्री का इरादा अपमान करने का था, और पलायन की समस्या को भी रेखांकित किया।


एआईएडीएमके का आरोप

एआईएडीएमके के प्रवक्ता कोवई सत्यान ने डीएमके पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह बयान निंदनीय है और डीएमके की मानसिकता को दर्शाता है।


डीएमके मंत्री का विवादास्पद बयान

ज्ञात हो कि एक सार्वजनिक कार्यक्रम में, डीएमके मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उत्तर भारत के लोग, जो केवल हिंदी जानते हैं, तमिलनाडु में 'टेबल साफ करने', 'निर्माण कार्यों' में मजदूरी करने, और 'पानी पूरी बेचने' के लिए आते हैं।