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डीसी अभिषेक मीणा ने अवैध कॉलोनियों और बाल श्रम पर सख्त निर्देश दिए

डीसी अभिषेक मीणा ने रेवाड़ी जिले में अवैध कॉलोनियों, बाल श्रम और नशे की रोकथाम के लिए सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करने और आम जनता को जागरूक करने के लिए कहा। इसके अलावा, उन्होंने नशे की लत से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस बैठक में और क्या निर्देश दिए गए।
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डीसी अभिषेक मीणा ने अवैध कॉलोनियों और बाल श्रम पर सख्त निर्देश दिए

अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई

रेवाड़ी समाचार: जिला उपायुक्त अभिषेक मीणा ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध कॉलोनियों को पनपने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए जिला योजनाकार विभाग को पुलिस के सहयोग से निरंतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों को नियमितिकरण नीति के तहत नहीं लाया जा सकता, इसलिए इनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। शुक्रवार को लघु सचिवालय सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने नगर योजनाकार, नार्को समन्वय समिति, खनन और बाल श्रम विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


जन जागरूकता और नियमों का पालन

अभिषेक मीणा ने DTP अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध कॉलोनियों में विभागीय कार्रवाई की जाए और आम जनता को भी अवैध कॉलोनाइजर के झांसे में न आने के लिए जागरूक किया जाए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अवैध निर्माण या अतिक्रमण से बचें और निर्माण से पहले सरकारी अनुमति प्राप्त करें। उन्होंने यह भी कहा कि लोग अवैध कॉलोनियों में संपत्ति खरीदने से पहले जिला नगर योजनाकार कार्यालय से वैधता की जानकारी अवश्य लें।


खनन और बाल श्रम पर निगरानी

डीसी ने खनन अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि जिले में अवैध खनन की रोकथाम के लिए फील्ड में गश्त की जाए और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए। बाल श्रम के खिलाफ टास्क फोर्स कमेटी की बैठक में श्रम अधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने DTF टीम को निर्देश दिए कि बाल श्रम की निरंतर जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।


नशे की रोकथाम के लिए उपाय

जिला में सभी मेडिकल पर CCTV और रजिस्टर मेंटेन होना सुनिश्चित

अभिषेक मीणा ने नार्को समन्वय समिति के अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि सभी मेडिकल स्टोर पर CCTV कैमरे लगाना अनिवार्य है और रजिस्टर भी बनाए रखने चाहिए। इसके अलावा, उन्होंने सरपंचों के सहयोग से भांग के पौधों को नष्ट करने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे न केवल शहरी क्षेत्रों में, बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में भी निगरानी रखें। नशे की लत से प्रभावित युवाओं के पुनर्वास के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। अधिकारियों को नशा करने वालों की पहचान करने और उनकी काउंसलिंग कराने के लिए भी कहा गया।


सूचना देने की अपील

डीसी ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति नशा बेचता है या इसका सेवन करता है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को दें। उन्होंने बताया कि मादक पदार्थों की बिक्री या सेवन की जानकारी मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन पोर्टल या टोल फ्री नंबर 1933 पर भी दी जा सकती है।