डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप की ईरान नीति पर उठाए सवाल, युद्ध की कीमतें चिंताजनक
नई दिल्ली में अमेरिकी सांसदों की चिंताएं
नई दिल्ली। अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के प्रमुख डेमोक्रेटिक सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान नीति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस युद्ध की मानवीय, आर्थिक और भू-राजनीतिक लागत अत्यधिक हो सकती है। सांसदों ने राष्ट्रपति के राष्ट्र के नाम संबोधन से पहले एक संयुक्त बयान जारी कर अपनी चिंताओं को व्यक्त किया है।
डेमोक्रेटिक सांसदों के आरोप
सांसद ग्रेगरी मीक्स, एडम स्मिथ और जिम हाइम्स ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अपनी इच्छा से ईरान के खिलाफ युद्ध की शुरुआत की थी। एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी ट्रंप अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में असफल रहे हैं। सांसदों का कहना है कि इस सैन्य कार्रवाई ने ईरान के शासन में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं लाया है। ईरान अब भी अपने परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल निर्माण और आतंकवादी समूहों को समर्थन देने में सक्षम है। इसके अलावा, ट्रंप ईरान के नागरिकों को भी कोई राहत नहीं दे पाए हैं।
युद्ध के नुकसान पर सांसदों की टिप्पणी
सांसदों ने इस युद्ध में हुए मानव और भौतिक नुकसान को उजागर करते हुए कहा कि अब तक 13 अमेरिकी सैनिकों की जान जा चुकी है और सैकड़ों घायल हुए हैं। युद्ध में अरबों डॉलर के सैन्य उपकरण या तो नष्ट हो गए हैं या उन्हें भारी नुकसान पहुंचा है।
मानवीय नुकसान का जिक्र करते हुए सांसदों ने कहा कि हजारों ईरानी नागरिक मारे गए हैं, जिनमें 150 से अधिक स्कूली छात्राएं भी शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ट्रंप की इस विनाशकारी कार्रवाई के कारण कई लोग अमेरिका के खिलाफ हो गए हैं और कट्टरपंथ बढ़ रहा है।
अर्थव्यवस्था और सहयोगियों पर प्रभाव
बयान में कहा गया है कि इस युद्ध के कारण दुनिया भर में तेल, खाद्य पदार्थ और हीलियम जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में कमी आई है, जिससे अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सांसदों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप ने अपने पुराने और वफादार सहयोगियों का अपमान किया है, जिससे कई मित्र देश इस युद्ध में अमेरिका का समर्थन करने से मना कर रहे हैं।
कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता
डेमोक्रेटिक सांसदों ने ट्रंप से आग्रह किया है कि वह देश को बताएं कि यह युद्ध कब और कैसे समाप्त होगा। उन्होंने राष्ट्रपति से अपील की है कि वह तुरंत ईरान के साथ युद्धविराम पर बातचीत शुरू करें। सांसदों के अनुसार, इस विनाशकारी युद्ध को रोकने का यही एकमात्र तरीका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही कूटनीतिक समाधान नहीं निकाला गया, तो अमेरिका एक और अंतहीन युद्ध में फंस सकता है, जिसके परिणाम और भी भयानक होंगे।
