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डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय का 14वां दीक्षांत समारोह: उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शिक्षा का महत्व

डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय का 14वां दीक्षांत समारोह हाल ही में आयोजित हुआ, जिसमें उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शिक्षा के महत्व और समाज के प्रति जिम्मेदारियों पर जोर दिया। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियाँ प्रदान की गईं। उपराज्यपाल ने विद्यार्थियों को नवाचार और नेतृत्व की भावना अपनाने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रगति और विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की। इस समारोह ने शिक्षा के क्षेत्र में नई दिशा और जिम्मेदारियों का संकल्प लिया।
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डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय का 14वां दीक्षांत समारोह: उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री की उपस्थिति में शिक्षा का महत्व

समारोह का उद्घाटन और उपराज्यपाल का संदेश

डिग्री केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति जवाबदेही का संकल्प है: उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू


बाबा साहेब के विचारों को आत्मसात करते हुए विश्वविद्यालय सामाजिक चेतना और उत्कृष्टता का केंद्र बन रहा है: सीएम रेखा गुप्ता


शिक्षा मंत्री आशीष सूद की युवाओं से अपील, विकसित भारत के निर्माण में छोटे-छोटे जिम्मेदार प्रयास ही लाएंगे बड़ी क्रांति


नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने गुरुवार को डॉ. बी. आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय के 14वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि पिछले 17 वर्षों में विश्वविद्यालय ने सामाजिक विज्ञान, मानविकी और जनसरोकारों के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई है। 2008 में एक डिप्लोमा कार्यक्रम से शुरू होकर, यह संस्थान अब विभिन्न विषयों में कई शैक्षणिक पाठ्यक्रम संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों के परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति नई जिम्मेदारियों का संकल्प लेने का भी महत्वपूर्ण क्षण है।


समारोह की विशेषताएँ और उपाधियाँ

इस समारोह में दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद, विश्वविद्यालय के कुलपति, विद्यार्थियों, शोधार्थियों और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। इस दौरान विश्वविद्यालय के न्यूजलेटर और रिसर्च कम्पेंडियम का विमोचन किया गया, जो संस्थान की शैक्षणिक प्रगति का प्रमाण है। डिग्री स्क्रॉल को डिजीलॉकर पर अपलोड करने की प्रक्रिया भी पूरी की गई।


समारोह की शुरुआत एनसीसी गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुई। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी की उपाधियाँ प्रदान कीं, विशेष रूप से डेवलपमेंट स्टडीज, ह्यूमन इकोलॉजी, सोशल डिजाइन, आर्कियोलॉजी, और अर्बन स्टडीज जैसे समकालीन विषयों में शोधार्थियों के योगदान को सराहा गया।


उपराज्यपाल का शिक्षा पर दृष्टिकोण

उपराज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव होता है, जो एक शैक्षणिक यात्रा के समापन और नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का प्रतीक है। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, शोध कार्यों को बढ़ावा देने, और भारतीय ज्ञान परंपरा के संवर्धन की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षा को समाज, नवाचार और भविष्य की आवश्यकताओं से जोड़ना आवश्यक है।


उपराज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण का आधार बनाने की बात की। उन्होंने विश्वविद्यालयों से बहुविषयक शिक्षा, शोध, उद्यमिता, और व्यावसायिक प्रशिक्षण को बढ़ावा देने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपने करियर के साथ-साथ नेतृत्व, संवेदनशीलता, सत्यनिष्ठा और समाज सेवा की भावना को भी अपनाएं।


मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मेडल और डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय ने 19 विद्यार्थियों से अपनी यात्रा शुरू की थी, और अब यह 6,000 से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंच चुका है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश के युवा विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।


दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री आशीष सूद ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति और राष्ट्र को बदलने की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने, नवाचार, और जिम्मेदार नागरिकता की आवश्यकता पर जोर दिया।