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डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी की बातचीत: पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशें

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हाल की बातचीत ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने के प्रयासों को उजागर किया है। दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और होरमुज की खाड़ी को खुला रखने की आवश्यकता पर चर्चा की। इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए सहमति जताई है, जबकि इजराइल के अधिकारियों का कहना है कि युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता संभव नहीं है। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता के बारे में और क्या हो सकता है आगे।
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डोनाल्ड ट्रंप और नरेंद्र मोदी की बातचीत: पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशें

पश्चिम एशिया में शांति की कोशिशें

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जो पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच हैं, ईरान के साथ युद्धविराम के प्रयासों में जुटे हुए हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से बातचीत की। इसके बाद, मंगलवार को ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर चर्चा की। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस बातचीत की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बातचीत के बारे में जानकारी देते हुए लिखा कि भारत तनाव को कम करने और शीघ्र शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि होरमुज की खाड़ी का खुला रहना और सभी के लिए सुलभ होना वैश्विक स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण है। मोदी और ट्रंप ने शांति और स्थिरता के प्रयासों पर संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।


सर्जियो गोर ने अपनी पोस्ट में बताया कि दोनों नेताओं ने मध्य पूर्व की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की, विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।


इस बीच, ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका के साथ बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई है। खामेनेई ने युद्ध को ईरान की शर्तों पर समाप्त करने की इच्छा व्यक्त की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को बताया कि खामेनेई ने वार्ता के लिए अनुमति दी है।


हालांकि, इजराइल के एक अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए कोई समझौता अभी संभव नहीं है। अधिकारी के अनुसार, ईरान किसी भी प्रकार की रियायत देने के मूड में नहीं है और मौजूदा बातचीत को केवल समय खरीदने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, ताकि आगे के हमलों की तैयारी की जा सके। ट्रंप का कहना है कि वह ईरान के साथ उच्च स्तर की बातचीत कर रहे हैं।