डोनाल्ड ट्रंप का भारत-यूएस व्यापार समझौते पर बयान
भारत के साथ व्यापार संबंधों पर ट्रंप का बयान
नए वैश्विक टैरिफ का असर नहीं पड़ेगा, भारत के साथ मेरे संबंध शानदार हैं
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अमेरिका द्वारा अन्य देशों पर लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है। इसके बावजूद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना समय गंवाए सभी देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त वैश्विक टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। ट्रंप ने इस निर्णय के पीछे अमेरिकी संविधान की धारा 122 का हवाला दिया, जो राष्ट्रपति को ऐसे कदम उठाने की अनुमति देती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने भारत का विशेष रूप से उल्लेख किया।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर ट्रंप का आश्वासन
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद भारत के साथ व्यापार समझौते में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने कहा, 'इंडिया डील इज ऑन' और यह समझौता अभी भी लागू है। व्हाइट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने बताया कि उनका भारत के साथ संबंध बहुत अच्छे हैं और दोनों देश व्यापार कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस से तेल का आयात रोक दिया है।
भारत पर 28 प्रतिशत टैरिफ का प्रभाव
ट्रंप ने घोषणा की कि अगले 150 दिनों के लिए सभी देशों पर 10 प्रतिशत का वैश्विक शुल्क लागू होगा। यह आदेश व्यापार अधिनियम की धारा 122 के तहत जारी किया जाएगा और मौजूदा शुल्कों के अतिरिक्त होगा। इसका मतलब है कि भारत को अगले 150 दिनों तक अमेरिका को 28 प्रतिशत टैरिफ देना होगा।
भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने का दावा
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने टैरिफ का उपयोग करके भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका है। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अब तक आठ युद्धों को टैरिफ के माध्यम से समाप्त किया है, जिनमें भारत और पाकिस्तान जैसी गंभीर स्थितियां भी शामिल हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि ट्रंप ने 3.5 करोड़ जीवन बचाए हैं। ये टैरिफ अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करने में सहायक रहे हैं।
