Newzfatafatlogo

डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से शेयर बाजार में गिरावट

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है, जिससे निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई है। इस बयान के बाद भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कमी आई है, जबकि विदेशी निवेशकों की निकासी जारी है। जानें इस स्थिति का विस्तृत विश्लेषण और बाजार के प्रमुख शेयरों की स्थिति के बारे में।
 | 
डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से शेयर बाजार में गिरावट

ट्रंप का 25 प्रतिशत टैरिफ का ऐलान


अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ की धमकी दी है।


सोमवार को अमेरिका के भारतीय राजदूत के बयान के बाद शेयर बाजार में तेजी आई थी, लेकिन मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने इसे उलट दिया। ट्रंप ने उन देशों को 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है जो ईरान के साथ व्यापार करते हैं।


यदि अमेरिका इस कदम को उठाता है, तो इसका प्रभाव भारत, चीन और यूएई जैसे देशों पर पड़ेगा, जो ईरान के प्रमुख व्यापारिक साझेदार हैं। ट्रंप के बयान के बाद विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी के कारण शेयर बाजार में गिरावट आई।


इस कारण, दिन के अंत में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 250.48 अंक या 0.30 प्रतिशत गिरकर 85,627.69 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान, यह 615.38 अंक या 0.73 प्रतिशत गिरकर 83,262.79 पर पहुंच गया था। वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 57.95 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 26,732.30 पर बंद हुआ। रुपये की कीमत अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.21 पर बंद हुई।


यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुख

एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी सूचकांक, जापान का निक्केई 225 और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक गिरावट के साथ समाप्त हुआ। निक्केई 225 में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। यूरोप के बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोमवार को अमेरिकी बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद हुए।


सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों की स्थिति

सेंसेक्स की 30 कंपनियों में ट्रेंट, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, आईटीसी, अदानी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली कंपनियों में शामिल थीं। वहीं, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लाभ कमाने वालों में शामिल रहे।