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डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को बताया 'विफल देश', भविष्य की योजनाओं का किया जिक्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को 'विफल देश' करार दिया है, यह कहते हुए कि वहां की साम्यवादी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने क्यूबा की आर्थिक समस्याओं का कारण वेनेजुएला में आए बदलावों को बताया। ट्रंप ने कहा कि क्यूबा भूख और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने क्यूबा के साथ अमेरिका के संबंधों को सुधारने की योजना का भी जिक्र किया। जानें उनके विचार और भविष्य की योजनाओं के बारे में।
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डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को बताया 'विफल देश', भविष्य की योजनाओं का किया जिक्र

ट्रंप का क्यूबा पर बयान

वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में क्यूबा को एक 'विफल देश' करार दिया। उन्होंने कहा कि वहां की साम्यवादी सरकार पर दबाव बढ़ रहा है और ईरान से जुड़े मुद्दों के समाधान के बाद उनका प्रशासन क्यूबा पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि क्यूबा की आर्थिक समस्याएं वेनेजुएला में आए बदलावों के कारण बढ़ी हैं, जो लंबे समय से हवाना को आर्थिक और ऊर्जा सहायता प्रदान करता रहा है।


राष्ट्रपति ने कहा, 'क्यूबा एक विफल देश है। वेनेजुएला ने वर्षों तक उनकी मदद की, क्योंकि उसके पास बड़ी मात्रा में प्राकृतिक संसाधन थे।' उन्होंने यह भी बताया कि क्यूबा वर्तमान में गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा है और उसके पास आवश्यक संसाधनों की कमी है। ट्रंप ने कहा, 'देश भूख से जूझ रहा है। उसके पास ऊर्जा, तेल, और धन की कमी है।' हालांकि, उन्होंने क्यूबा की उपजाऊ भूमि की सराहना की।


जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या हालिया प्रतिबंधों का उद्देश्य क्यूबा सरकार के पतन को तेज करना है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य कुछ और है। उन्होंने कहा, 'हम चाहते हैं कि क्यूबा ऐसा देश बने जो अपने लोगों का भरण-पोषण कर सके और अच्छी तरह से चल सके।'


ट्रंप ने यह भी कहा कि क्यूबा लंबे समय तक वेनेजुएला की मदद पर निर्भर रहा है, लेकिन अब परिस्थितियाँ बदल गई हैं। उन्होंने कहा, 'वेनेजुएला उन्हें जीवित रहने के लिए धन देता था, लेकिन अब वह धन हमारी ओर आ रहा है।' जब उनसे पूछा गया कि क्या क्यूबा पतन के करीब है, तो ट्रंप ने संकेत दिया कि वहां की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति पहले से ही गंभीर संकट में है। उन्होंने कहा, 'यह लगभग ढह चुका है। और हम इसे जल्द ही संभालेंगे।'


ईरान से जुड़े तनावों का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मुझे एक समय में एक ही काम करना पसंद है। हम पहले ईरान के मामले को संभालेंगे, फिर क्यूबा पर ध्यान देंगे।' उन्होंने अमेरिका-क्यूबा संबंधों के भविष्य पर भी अपने विचार साझा किए। ट्रंप ने कहा कि वॉशिंगटन ऐसे हालात बनाना चाहता है जिससे क्यूबा मूल के अमेरिकी अपने रिश्तेदारों से फिर से जुड़ सकें और वहां निवेश कर सकें।


उन्होंने कहा, 'हम क्यूबा के साथ अच्छे संबंध बनाएंगे। हम अपने लोगों को वहां वापस जाने देंगे और यदि वे चाहें तो क्यूबा में निवेश भी कर सकेंगे।' ट्रंप ने फ्लोरिडा में रहने वाले क्यूबा मूल के अमेरिकियों के बीच अपने मजबूत राजनीतिक समर्थन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, '95 प्रतिशत क्यूबा के लोगों ने मुझे वोट दिया। वे अद्भुत लोग हैं।'


इन टिप्पणियों को ट्रंप के हाल के महीनों में ईरान और मध्य-पूर्व सुरक्षा मुद्दों पर मौजूदा प्रयासों के बाद क्यूबा को अमेरिकी विदेश नीति की प्राथमिकताओं में शामिल करने का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। क्यूबा की आर्थिक स्थिति हाल के वर्षों में लगातार बिगड़ती जा रही है, जिसमें ईंधन की कमी, बिजली कटौती, महंगाई और सरकारी आय में गिरावट शामिल है। बेहतर अवसरों की तलाश में बड़ी संख्या में क्यूबाई नागरिक विदेश जा रहे हैं।