डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति अपनी दोस्ती का किया इज़हार
भारत के साथ संबंधों में बदलाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर सबको चौंका दिया है। पहले उन्होंने टैरिफ में सख्ती दिखाई, फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक करियर को लेकर विवादास्पद बयान दिया, और अब गहरी दोस्ती की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिका की स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूरे होने के अवसर पर यूएस दूतावास द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने फोन पर भारत को समर्थन देने का आश्वासन दिया।
ट्रंप का भारत के प्रति समर्थन
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि भारत जो भी चाहेगा, अमेरिका उसे देने के लिए तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा की और उन्हें अपना अच्छा दोस्त बताया। ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की भी तारीफ की है, लेकिन उनके बयानों में बार-बार बदलाव देखने को मिल रहा है।
ट्रंप की प्रशंसा
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
मैं भारत से बहुत प्यार करता हूं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे अच्छे दोस्त हैं। हम दोनों देश पहले कभी इतने करीब नहीं थे। भारत मुझ पर 100 प्रतिशत भरोसा कर सकता है। भारत जो चाहेगा, उसे मिलेगा।
अर्थव्यवस्था की प्रशंसा
ट्रंप ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, 'हमारी अर्थव्यवस्था रिकॉर्ड स्तर पर है, हमारा शेयर बाजार भी रिकॉर्ड स्तर पर है। और भारत जो कुछ भी चाहता है, उसे मिल जाता है। मैं प्रधानमंत्री मोदी का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं।'
कार्यक्रम में ट्रंप का फोन
दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इस कार्यक्रम में ट्रंप ने फोन किया था, जिसमें लगभग 1,500 मेहमान शामिल थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और विदेश मंत्री एस जयशंकर भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने ट्रंप को फोन किया।
अमेरिका का संतुलन
दीवान लॉ कॉलेज में इंटरनेशनल लॉ डिपार्टमेंट के सहायक प्रोफेसर निखिल गुप्ता ने कहा कि ट्रंप ने हाल ही में चीन का दौरा किया है। अब मार्को रुबियो भारत आए हैं। अमेरिका चीन के साथ व्यापार चाहता है, प्रतिद्वंद्विता नहीं। भारत के साथ भी ट्रंप ऐसा ही रुख अपना रहे हैं।
ट्रंप का बदलता रुख
डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में चीन का दौरा किया था। शी जिनपिंग से उनकी मुलाकात के दौरान उन्होंने संतुलित रुख अपनाया। यह संदेश गया कि अमेरिका और चीन के संबंध अब सामान्य हो रहे हैं, जबकि भारत के प्रति ट्रंप का रुख बदल रहा है।
क्या ट्रंप पर भरोसा किया जा सकता है?
डोनाल्ड ट्रंप पर अब कूटनीतिक स्तर पर कोई भी देश भरोसा नहीं कर पा रहा है। उनके फैसले अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। वह कभी ईरान के साथ समझौते का दावा करते हैं, तो कभी सीज फायर की बात करते हैं। ईरान बार-बार उनके दावों को खारिज करता है।
