डोनाल्ड ट्रम्प का बयान: भारत ने रूस से तेल आयात कम करने का निर्णय मुझे खुश करने के लिए लिया
ट्रम्प ने मोदी की तारीफ की
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत द्वारा रूस से तेल आयात में कमी लाने के निर्णय पर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यह कदम उन्हें खुश करने के लिए उठाया गया। ट्रम्प ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक अच्छे इंसान हैं और उन्हें पता था कि वह खुश नहीं थे।
भारत पर 25% टैरिफ का आरोप
यूक्रेन युद्ध के बाद, भारत रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बन गया था। अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन पर हो रहे हमलों को वित्तीय सहायता दे रहा है, जिसके चलते ट्रम्प प्रशासन ने भारत पर 25% टैरिफ लगाया।
भारत ने टैरिफ हटाने की मांग की
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने बताया कि उन्होंने भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा से मुलाकात की थी, जिसमें भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद कम करने पर चर्चा हुई। भारतीय राजदूत ने ट्रम्प को यह संदेश भेजने का अनुरोध किया कि भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ हटाया जाए।
भारत का तेल आयात घटा
भारत ने 2021 के बाद पहली बार रूस से कच्चे तेल का आयात कम किया है। रिपोर्ट के अनुसार, नवंबर में भारत का रूसी तेल आयात 17.7 लाख बैरल प्रति दिन था, जो दिसंबर में घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रति दिन रह गया।
सऊदी, यूएई और अमेरिका से खरीदारी
यूक्रेन युद्ध के बाद, रूस ने सस्ता क्रूड ऑयल बेचना शुरू किया था, लेकिन अब भारत सऊदी, यूएई और अमेरिका जैसे विश्वसनीय सप्लायर्स से तेल खरीदने की ओर बढ़ रहा है।
अमेरिका ने 50% टैरिफ लगाया
अमेरिका ने भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें से 25% टैरिफ रूस से तेल खरीदने के कारण है। इससे भारत को अमेरिका में अपने सामान की बिक्री में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ट्रेड डील पर बातचीत जारी
भारत चाहता है कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ को घटाकर 15% किया जाए और रूस से तेल खरीदने पर लगाई गई अतिरिक्त पेनाल्टी को समाप्त किया जाए। दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।
दिल्ली दंगों के आरोपी
ये भी पढ़ें: दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद और शरजील इमाम को नहीं मिली जमानत
