तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय के ताबड़तोड़ फैसले: महिलाओं और सरकारी कर्मचारियों को राहत
सीएम विजय के पहले फैसले
चेन्नई: तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पदभार ग्रहण करते ही कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने अपने प्रशासन को 'आम लोगों की सरकार' के रूप में प्रस्तुत करते हुए महिलाओं, सरकारी कर्मचारियों और आम जनता के लिए कई राहत योजनाओं की घोषणा की है।
महिलाओं के लिए 1000 रुपये की किस्त
मुख्यमंत्री विजय ने 'कलैंग्नार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के लिए मई महीने में 1,000 रुपये की किस्त सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर करने का निर्देश दिया है। चुनावों से पहले उनकी पार्टी ने 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं के लिए 2,500 रुपये की मासिक सहायता का वादा किया था। हालांकि, नई योजना को लागू करने में समय लगेगा, इसलिए फिलहाल पुरानी योजना के तहत 1,000 रुपये दिए जाएंगे।
शराब की दुकानों पर सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री विजय ने राज्य में नियमों का उल्लंघन कर चल रही 717 शराब की दुकानों को बंद करने का आदेश दिया है। ये दुकानें पूजा स्थलों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंडों के 500 मीटर के दायरे में स्थित थीं। इन दुकानों में से 276 पूजा स्थलों के पास, 186 शिक्षण संस्थानों के पास और 255 बस स्टैंडों के पास हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में वृद्धि
तमिलनाडु सरकार ने सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। अब यह भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा, जो 1 जनवरी 2026 से लागू होगा। इस निर्णय से राज्य के खजाने पर सालाना 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा, लेकिन मुख्यमंत्री विजय ने कहा है कि उनकी सरकार कर्मचारियों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है।
