तमिलनाडु के सीएम विजय ने सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में की वृद्धि, जानें क्या है नया
महंगाई भत्ते में वृद्धि की घोषणा
नई दिल्ली: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने गुरुवार को सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। यह निर्णय मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के कुछ ही दिनों बाद लिया गया। इस संशोधन के बाद महंगाई भत्ता 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा, जो 1 जनवरी, 2026 से लागू होगा।
सीएम विजय का बयान
महंगाई भत्ते में यह वृद्धि राज्य सरकार पर 1,230 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ डालेगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सरकार आवश्यक धनराशि आवंटित करेगी, जिससे सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों, पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशनभोगियों के कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है। सी. जोसेफ विजय ने यह भी बताया कि 'कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना की मई की किस्त जल्द ही महिला लाभार्थियों को दी जाएगी।
सीधे बैंक खातों में जमा होंगे पैसे
तमिलनाडु में सरकारी अधिकारी और शिक्षक पहले 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता प्राप्त कर रहे थे, जिसे अब बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है। सूचना और जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।
टेक-होम वेतन में वृद्धि
यह 2 प्रतिशत की वृद्धि मूल वेतन के आधार पर होगी, जिससे मासिक टेक-होम वेतन में बढ़ोतरी होगी। यह संशोधन कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई का सामना करने में मदद करेगा। इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को 1,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलती है, जो पिछली द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम (DMK) सरकार द्वारा शुरू की गई थी।
महिलाओं को जल्द मिलेगा 1,000 रुपये
मुख्यमंत्री विजय के अनुसार, धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा की जाएगी। बयान में कहा गया है कि सरकार को 'कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई' योजना को फिर से व्यवस्थित करने के लिए समय चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि मई की 1,000 रुपये की किस्त जल्द ही लाभार्थियों के खातों में जमा की जाए। राज्य विधानसभा चुनावों से पहले, विजय की पार्टी TVK ने 60 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं को प्रति माह 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का वादा किया था।
16 लाख परिवारों को मिलेगा लाभ
सरकार के इस निर्णय का दायरा काफी व्यापक है। इसका लाभ केवल मौजूदा कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में लगभग 16 लाख लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसमें सचिवालय में काम करने वाले अधिकारी और दूर-दराज के स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक शामिल हैं। यह अतिरिक्त वित्तीय सहायता लाखों परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सुरक्षा कवच का काम करेगी, जिससे उन्हें अपने दैनिक खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
