तमिलनाडु में चुनावी गठबंधन की नई रणनीतियाँ: सीटों का बंटवारा
तमिलनाडु में राजनीतिक स्थिति
तमिलनाडु में क्षेत्रीय दल अपनी राजनीतिक स्थिति को राष्ट्रीय दलों के लिए छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। डीएमके ने कांग्रेस को 25 सीटों के बजाय 28 सीटें देने पर सहमति जताई है, जबकि अन्ना डीएमके ने भाजपा को 30 से अधिक सीटें नहीं देने का निर्णय लिया है। यह भाजपा के लिए 50 प्रतिशत की वृद्धि है, क्योंकि 2021 के चुनाव में भाजपा ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था और चार सीटें जीती थीं। वहीं, कांग्रेस ने 25 सीटों पर चुनाव लड़ा और 18 सीटें जीती।
अन्ना डीएमके, जो एनडीए का नेतृत्व कर रही है, ने 234 सीटों में से 170 पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है और ई पलानीस्वामी को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाएगा।
राज्य में 234 सीटें हैं, जिनमें से 170 पर अन्ना डीएमके चुनाव लड़ेगी, जबकि शेष 64 सीटें भाजपा और अन्य सहयोगी दलों में बांटी जाएंगी। यह भी बताया जा रहा है कि इस पर जल्द ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। भाजपा को 30 सीटें देने के बाद, 17 सीटें अंबुमणि रामदॉस की पीएमके को मिलेंगी।
टीटीवी दिनाकरण की एएमएमके को नौ सीटें दी जाएंगी, जबकि जीके वासन की तमिल मनीला कांग्रेस के लिए तीन सीटें निर्धारित की गई हैं। इसके अलावा, कुछ छोटी सहयोगी पार्टियों के लिए भी सीटें छोड़ी जाएंगी, लेकिन उन्हें अन्ना डीएमके या भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ना होगा। हाल ही में फिल्म स्टार थलपति विजय के गठबंधन से बाहर होने के बाद एनडीए में सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया गया है।
