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तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री के रूप में विजय का शपथ ग्रहण

तमिलनाडु में सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जो कि राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह पहली बार है जब किसी गैर-द्रविड़ दल का नेता मुख्यमंत्री बना है। विजय की पार्टी, तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK), ने विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया और कई सहयोगी दलों के समर्थन से सरकार बनाई। जानें इस ऐतिहासिक पल के बारे में और विजय की राजनीतिक यात्रा के बारे में।
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तमिलनाडु में नए मुख्यमंत्री के रूप में विजय का शपथ ग्रहण

तमिलनाडु में नया नेतृत्व


तमिलनाडु: एक सप्ताह की कड़ी मेहनत के बाद, तमिलनाडु को नया मुख्यमंत्री मिल गया है। अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय, जो तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के संस्थापक हैं, ने रविवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। यह समारोह चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी सहित कई विपक्षी दलों के नेता भी उपस्थित थे।


शपथ ग्रहण समारोह में विजय के समर्थकों का उत्साह देखने लायक था। स्टेडियम के बाहर सुबह से ही भारी भीड़ इकट्ठा हो गई थी, जहां समर्थक पार्टी के झंडे और विजय के पोस्टर लेकर आए थे। विजय ने तमिल भाषा में शपथ ली और पहली बार विधायक बनने के साथ ही सीधे मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे।


पहली बार चुनाव, पहली बार सत्ता

टीवीके ने इस बार पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग लिया और अप्रत्याशित रूप से 234 में से 108 सीटें जीतकर सफलता हासिल की। इसके बाद, कांग्रेस, माकपा, भाकपा, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से विजय ने बहुमत का आंकड़ा पार किया। गठबंधन के विधायकों की कुल संख्या 121 हो गई, जबकि सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की आवश्यकता थी।


सरकार गठन को लेकर पिछले एक सप्ताह से राजनीतिक हलचल तेज थी। कई दौर की बैठकों और सहयोगी दलों से बातचीत के बाद, अंततः राज्यपाल ने विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। इसके बाद विजय अपने सहयोगी दलों के नेताओं के साथ राजभवन पहुंचे और समर्थन पत्र सौंपकर सरकार बनाने का दावा पेश किया।


मंत्रिमंडल में नए चेहरे

विजय के साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें एन आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस. कीर्तना शामिल हैं। दिलचस्प बात यह है कि पहले मंत्रिमंडल में सहयोगी दलों को जगह नहीं दी गई और सभी मंत्री टीवीके से ही बनाए गए।


कैबिनेट में सेल्वी एस. कीर्तना अकेली महिला मंत्री हैं, जो शिवकाशी सीट से विधायक हैं और पहले द्रमुक से जुड़े नेताओं के साथ भी काम कर चुकी हैं। उनके मंत्री बनने की चर्चा राजनीतिक गलियारों में काफी रही।


शपथ ग्रहण समारोह में दिलचस्प पल

समारोह के दौरान एक दिलचस्प घटना भी हुई। शपथ लेते समय विजय ने निर्धारित शब्दों से आगे कुछ और बोलने लगे, जिस पर राज्यपाल आर्लेकर ने उन्हें बीच में टोकते हुए केवल लिखे हुए शब्द पढ़ने को कहा। इसके बाद विजय ने मुस्कुराते हुए दोबारा शपथ पूरी की।


द्रविड़ दलों का वर्चस्व टूटा

तमिलनाडु की राजनीति में यह बदलाव ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि 1967 के बाद पहली बार किसी गैर-द्रविड़ दल का मुख्यमंत्री बना है। पिछले लगभग छह दशकों से राज्य की राजनीति द्रमुक और अन्नाद्रमुक के इर्द-गिर्द घूमती रही थी, लेकिन इस चुनाव में टीवीके ने दोनों पारंपरिक दलों को बड़ा झटका दिया। राजनीतिक विश्लेषक इसे तमिलनाडु की राजनीति में नई पीढ़ी और नए नेतृत्व के उभार के रूप में देख रहे हैं। विजय की लोकप्रियता, विशेषकर युवाओं के बीच, चुनाव में उनकी सबसे बड़ी ताकत साबित हुई।