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तमिलनाडु में पुलिसकर्मियों को हिरासत में मौत के मामले में मौत की सजा

तमिलनाडु के मदुरै में एक जिला अदालत ने हिरासत में हुई मौतों के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' करार देते हुए कहा कि यह अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला है। इस मामले में 2020 में हुई घटना के बाद से सुनवाई चल रही थी, जिसमें एक आरोपी की कोविड के कारण मृत्यु हो गई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और अदालत के फैसले के पीछे की कहानी।
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तमिलनाडु में पुलिसकर्मियों को हिरासत में मौत के मामले में मौत की सजा

सख्त सजा का ऐलान

चेन्नई। मदुरै की जिला और सत्र अदालत ने हिरासत में हुई मौतों के मामले में नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह फैसला सोमवार को सथानकुलम में हुई घटना के संदर्भ में आया, जिसे अदालत ने 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' करार दिया। अदालत ने इसे अत्यधिक बर्बरता और सत्ता के दुरुपयोग का मामला बताया। सभी दोषियों को मृतकों के परिजनों को एक करोड़ 40 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश भी दिया गया है.


मामले का पृष्ठभूमि

यह मामला 2020 में कोरोना महामारी के दौरान का है, और इसकी सुनवाई छह साल तक चली। इस मामले में कुल 10 आरोपी थे, जिनमें से एक की कोविड के कारण मृत्यु हो गई। उल्लेखनीय है कि 19 जून 2020 को पुलिस ने मोबाइल व्यापारी पी जयराज और उनके बेटे जे बेनिक्स को हिरासत में लिया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान अपनी दुकान खोली रखी थी. दोनों को सथानकुलम पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया, और कुछ ही दिनों में उनकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि थाने में दोनों के साथ बर्बरता की गई थी, जिसके कारण उनके शरीर पर गंभीर चोटें और खून के निशान थे.