तमिलनाडु में मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण पूरा, लाखों नाम हटाए गए
मतदाता सूची का अद्यतन
नई दिल्ली: तमिलनाडु में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद, सोमवार को राज्य की अंतिम मतदाता सूची जारी की गई। इस व्यापक पुनरीक्षण में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं।
हटाए गए नामों की संख्या
राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अर्चना पटनायक ने जानकारी दी कि अंतिम सूची से कुल 74,07,207 नाम हटा दिए गए हैं। संशोधित सूची के अनुसार, अब तमिलनाडु में कुल मतदाताओं की संख्या 5,67,07,380 रह गई है।
पहले कितने मतदाता थे?
जब एसआईआर प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब राज्य में 6,41,14,587 मतदाता पंजीकृत थे। इस प्रकार, लाखों नामों को हटाने की प्रक्रिया चुनाव अधिकारियों द्वारा नियमित शुद्धिकरण का हिस्सा बताया गया है।
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग ने बताया कि हटाए गए नामों में से अधिकांश मृत मतदाताओं के हैं। इसके अलावा, वे मतदाता भी सूची से हटा दिए गए हैं जो स्थायी रूप से अन्य स्थानों पर चले गए थे या जिनकी प्रविष्टियों में गंभीर त्रुटियां थीं। अधिकारियों ने कहा कि योग्य मतदाता, जिनका नाम गलती से हटा है, वे फॉर्म-6 भरकर पुनः पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
नोटिस जारी करने की प्रक्रिया
पुनरीक्षण के दौरान कुल 12,43,363 लोगों को नोटिस जारी किए गए थे। जिन मतदाताओं के नाम, पते या अन्य विवरणों में विसंगतियां पाई गईं, उन्हें निर्धारित समय के भीतर दस्तावेज और स्वघोषणा प्रमाणपत्र जमा करने के निर्देश दिए गए थे।
पारदर्शिता के साथ प्रक्रिया
चुनाव आयोग ने बताया कि इस बार एसआईआर प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया और 30 जनवरी को जारी दिशानिर्देशों का पालन किया गया। जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए, उनके कारणों को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराया गया। यह जानकारी ग्राम पंचायत कार्यालयों, सार्वजनिक स्थलों, ब्लॉक एवं उपमंडल कार्यालयों तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड कार्यालयों में प्रदर्शित की गई।
योग्य मतदाता का अधिकार
एसआईआर के तहत जिन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें आपत्ति दर्ज करने या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए 10 दिन का समय दिया गया है। इस दौरान वे संबंधित निर्वाचन कार्यालय में आवेदन देकर अपना नाम पुनः शामिल कराने का दावा कर सकते हैं।
मतदाता सूची का व्यापक पुनरीक्षण
तमिलनाडु में मतदाता सूची का यह व्यापक पुनरीक्षण आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया गया है। चुनाव विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने नाम की स्थिति अवश्य जांचें और आवश्यकता पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा या आपत्ति दर्ज करें।
