Newzfatafatlogo

तमिलनाडु सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार: कांग्रेस की 59 साल बाद वापसी

तमिलनाडु की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जब सी. जोसेफ विजय की सरकार ने अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार में 23 नए मंत्रियों को शामिल किया। इस विस्तार में कांग्रेस की 59 साल बाद वापसी हुई है, जो राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। जानें विस्तार के सभी महत्वपूर्ण पहलू और सहयोगी दलों की स्थिति के बारे में।
 | 
तमिलनाडु सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार: कांग्रेस की 59 साल बाद वापसी

तमिलनाडु की राजनीति में नया अध्याय


तमिलनाडु की राजनीति: सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व में तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने अपने पहले मंत्रिमंडल विस्तार का आयोजन किया है। इस अवसर पर 23 नए मंत्रियों ने शपथ ग्रहण किया, जिनमें से 21 विधायक TVK के और 2 कांग्रेस के हैं। इस विस्तार के बाद, विजय सरकार में मंत्रियों की कुल संख्या 32 हो गई है, जबकि कैबिनेट में अभी भी तीन पद खाली हैं।


सहयोगी दलों के लिए स्थान:


सरकार के सहयोगी दल, वीसीके और आईयूएमएल, अभी तक मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हुए हैं। इन दोनों दलों के पास दो-दो विधायक हैं और उनके लिए एक-एक मंत्री पद सुरक्षित रखा गया है। यह जानकारी मिली है कि दोनों पार्टियां जल्द ही अपने नामों की घोषणा कर सकती हैं। लोक निर्माण और खेल मंत्री, आधव अर्जुन ने बताया कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि वीसीके के प्रमुख थोल थिरुमावलवन भी सरकार का हिस्सा बनें।


कांग्रेस की ऐतिहासिक वापसी:


इस मंत्रिमंडल विस्तार में सबसे अधिक चर्चा कांग्रेस की वापसी को लेकर हो रही है। लगभग 59 वर्षों के बाद, कांग्रेस तमिलनाडु सरकार में शामिल हुई है। इससे पहले, राज्य में कांग्रेस की आखिरी सरकार 1967 से पहले थी, जब सी. एन. अन्नादुरई के नेतृत्व में डीएमके ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया था। अब विजय सरकार में कांग्रेस के विधायकों राजेश कुमार और पी. विश्वनाथन को मंत्री बनाया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव मान रहे हैं।