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तीसरी बार हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल, तकनीकी सुधार के बाद

जींद से दिल्ली लौटने के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का तीसरा ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। इस ट्रायल में ट्रेन ने जींद से सोनीपत के बीच एक चक्कर लगाया। पहले के ट्रायल में तकनीकी सुधार के बाद ट्रेन की गति और दूरी तय करने का समय भी निर्धारित किया गया। जानें इस नई तकनीक के बारे में और इसके भविष्य की योजनाओं के बारे में।
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तीसरी बार हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल, तकनीकी सुधार के बाद

हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल


जींद समाचार। जींद से दिल्ली लौटने के बाद हाइड्रोजन ट्रेन का तकनीकी सुधार और रखरखाव किया गया। इस सप्ताह में तीसरी बार इसका ट्रायल किया गया। ट्रेन ने दोपहर साढ़े चार बजे ट्रायल के लिए यात्रा शुरू की। शुक्रवार को हुए इस ट्रायल में ट्रेन ने जींद से सोनीपत के बीच केवल एक चक्कर लगाया।


पहले दो ट्रायल में ट्रेन ने दो बार चक्कर लगाए थे। 16 मार्च को दिल्ली से लौटने के बाद ट्रेन का पहला ट्रायल किया गया था, जिसमें इसे जींद से सोनीपत रूट पर दो बार चलाया गया। हर जंक्शन पर ट्रेन को एक से दो मिनट के लिए रोका गया।


बुधवार को फिर से ट्रेन का ट्रायल किया गया, जिसमें भी दो चक्कर लगाए गए। जींद से सोनीपत की दूरी लगभग 90 किलोमीटर है, और हाइड्रोजन ट्रेन इस दूरी को तय करने में लगभग तीन घंटे का समय ले रही है। ट्रेन की गति 70 से 75 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है।


हाइड्रोजन प्लांट के इलेक्ट्रोफायर में आई खराबी को ठीक करने के लिए मेधा कंपनी के उच्च अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। इलेक्ट्रोफायर की खराबी के कारण एक और टैंकर से बाहर से हाइड्रोजन गैस मंगवाई गई है। इससे पहले दो टैंकर आ चुके हैं, जिनकी गैस को हाइड्रोजन ट्रेन में भरा गया है। अब तीसरा टैंकर मंगवाया गया है।