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तेजस्वी सूर्या का परिसीमन विधेयक पर विपक्ष पर हमला

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में परिसीमन विधेयक 2026 पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में परिसीमन के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है और यह गलत है कि इससे दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा। सूर्या ने तेलंगाना के सीएम के प्रस्ताव को मजाक बताया और कहा कि मोदी सरकार राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी की रक्षा कर रही है। उन्होंने सीटों के वितरण की योजना का भी उल्लेख किया, जिसमें दक्षिण भारतीय राज्यों की हिस्सेदारी बरकरार रहेगी।
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तेजस्वी सूर्या का परिसीमन विधेयक पर विपक्ष पर हमला

बीजेपी सांसद का बयान

बीजेपी सांसद तेजस्वी सूर्या ने लोकसभा में परिसीमन विधेयक 2026 पर विपक्षी दलों को कड़ी आलोचना का निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में परिसीमन के नाम पर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है। सूर्या ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी राज्यों को समान अधिकार दिए गए हैं और यह गलत है कि परिसीमन से दक्षिण के राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक को रोकने के लिए परिसीमन का बहाना बना रहा है.


तेलंगाना सीएम पर टिप्पणी

तेजस्वी सूर्या ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हाइब्रिड मॉडल का जिक्र करते हुए कहा कि यह प्रस्ताव केवल मजाक है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह उचित है कि तेलंगाना के नागरिक का वोट बिहार के नागरिक से अधिक मूल्यवान हो? यह संवैधानिक सिद्धांत 'एक नागरिक-एक वोट' का उल्लंघन है।


डिलिमिटेशन का तर्क

सूर्या ने आगे कहा कि अगर इस तर्क को मान लिया जाए तो अमीरों के पास अधिक वोट होंगे और गरीबों के पास कम। उन्होंने कहा कि तेलंगाना सीएम का जीएसडीपी से डिलिमिटेशन को जोड़ने का तर्क असंवैधानिक है।


सीटों का वितरण

तेजस्वी सूर्या ने बताया कि सीटों की संख्या बढ़ाकर 815 और कुल 850 करने की योजना है। हर राज्य को उनकी जनसंख्या के अनुसार सीटें मिलेंगी। उदाहरण के लिए, तमिलनाडु की सीटें 39 से बढ़कर 59 हो जाएंगी, जबकि कर्नाटक को 28 से 42 सीटें मिलेंगी।


दक्षिण के राज्यों की हिस्सेदारी

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल को क्रमशः 52%, 52%, 51%, 51.5% और 50% की हिस्सेदारी मिलेगी। परिसीमन के बाद भी दक्षिण भारतीय राज्यों की संसद में हिस्सेदारी 23.9% बनी रहेगी।


संविधानिक संशोधन का मुद्दा

तेजस्वी सूर्या ने कहा कि मोदी सरकार राज्यों की आनुपातिक हिस्सेदारी की रक्षा कर रही है। उन्होंने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन की मांग का समर्थन किया, लेकिन कहा कि वहां संवैधानिक संशोधन विधेयक को जलाकर ड्रामा किया जा रहा है।


आनुपातिक हिस्सेदारी का महत्व

उन्होंने यह भी बताया कि अगर 50% आनुपातिक हिस्सेदारी के बिना सीटों का इजाफा किया जाता तो तमिलनाडु को 49 सीटें मिलतीं, लेकिन मोदी सरकार ने उसे 59 सीटें दी हैं। इसी तरह, केरल को 30 और कर्नाटक को 42 सीटें मिलेंगी।