तेल की कीमतों में वृद्धि: ईरान और अमेरिका-इजरायल संघर्ष का प्रभाव
वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल
दुनिया की आर्थिक स्थिति पर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे संघर्ष का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसके चलते कई देशों में पेट्रोल की कीमतों में इजाफा किया गया है और कुछ स्थानों पर ईंधन की राशनिंग भी शुरू कर दी गई है।
बांग्लादेशी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, वहां जेट फ्यूल की कीमतों में 80 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (एनओसी) ने भी पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि की घोषणा की है।
एनओसी के अनुसार, नेपाल में पेट्रोल, केरोसीन और डीजल की कीमतों में 15 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है, जो आज आधी रात से लागू होगी। पिछली बार कीमतों में बदलाव 15 मार्च को किया गया था। नए मूल्य निर्धारण के अनुसार, पेट्रोल की कीमतें अब पहली श्रेणी में 184.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 186 रुपए और तीसरी श्रेणी में 187 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं।
पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें
डीजल और केरोसीन की कीमतें भी बढ़ी हैं, जो पहली श्रेणी में 164.50 रुपए प्रति लीटर, दूसरी श्रेणी में 166 रुपए प्रति लीटर और तीसरी श्रेणी में 167 रुपए प्रति लीटर बेची जाएंगी। पहली श्रेणी में चराली, विराटनगर, जनकपुर, अमलेखगंज, भालबाड़ी, नेपालगंज और बीरगंज शामिल हैं। सुर्खेत और डांग दूसरी श्रेणी में आते हैं, जबकि काठमांडू, पोखरा और दीपायल तीसरी श्रेणी में हैं।
एनओसी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाल की वृद्धि के कारण घरेलू पेट्रोलियम कीमतों में वृद्धि आवश्यक थी।
बांग्लादेशी मीडिया 'द डेली स्टार' के अनुसार, बांग्लादेश एनर्जी रेगुलेटरी कमीशन ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए कंज्यूमर स्तर पर जेट फ्यूल की कीमतों में 80 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी की है।
अन्य देशों में तेल की कीमतों का प्रभाव
बांग्लादेश में घरेलू उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमत 112.41 टका से बढ़कर 202.29 टका प्रति लीटर हो गई है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट फ्यूल की कीमत 0.738 डॉलर (90.58 टका) प्रति लीटर से बढ़कर 1.3216 डॉलर (162.21 टका) प्रति लीटर हो गई है। अमेरिका में भी तेल की कीमतों में वृद्धि देखी गई है।
पाकिस्तान, जो आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20-25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यूरोपीय देशों, विशेषकर जर्मनी में गैस और पेट्रोल के दाम 10-15 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। थाईलैंड में पेट्रोल स्टेशनों पर राशनिंग भी शुरू कर दी गई है।
पेट्रोल स्टेशन पर राशनिंग का अर्थ है कि ईंधन की बिक्री पर सीमा निर्धारित करना। जब किसी देश में तेल की भारी कमी होती है या कीमतें अत्यधिक बढ़ जाती हैं, तो सरकार या पेट्रोल पंप मालिक यह नियम लागू करते हैं कि एक व्यक्ति एक बार में कितना तेल खरीद सकता है।
