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तेल संकट: ईरान-अमेरिका संघर्ष से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का गंभीर प्रभाव वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य पर। मार्च में टैंकरों की आवाजाही में 80% से अधिक की गिरावट आई है, जिससे समुद्र में भारी जाम लग गया है। ईरान ने इस मार्ग को बंद करने की धमकी दी है, जिससे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संकट गहरा सकता है। जानें इस स्थिति का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
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तेल संकट: ईरान-अमेरिका संघर्ष से प्रभावित होर्मुज जलडमरूमध्य

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष का गंभीर प्रभाव अब वैश्विक तेल आपूर्ति पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' पर मार्च में तेल टैंकरों की आवाजाही में 80 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। इस समुद्री मार्ग पर सैकड़ों टैंकरों का एक बड़ा जाम लग गया है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की है और किसी भी टैंकर को आग के हवाले करने की धमकी दी है।


समुद्र में फंसे टैंकरों की संख्या

समंदर में फंसी दुनिया की रफ्तार, लगा जहाजों का भारी जाम

विंडवॉर्ड एंड केप्लर कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, एक मार्च को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से केवल तीन टैंकर गुजर सके, जिनमें 28 लाख बैरल तेल था। दो मार्च को यह संख्या घटकर केवल एक छोटे टैंकर और एक कार्गो जहाज तक सीमित रह गई। वर्तमान में, इस संकरे समुद्री मार्ग के दोनों ओर लगभग 706 गैर-ईरानी तेल टैंकर फंसे हुए हैं, जिनमें 334 कच्चे तेल के टैंकर, 109 डर्टी प्रोडक्ट टैंकर और 263 क्लीन प्रोडक्ट जहाज शामिल हैं।


वैश्विक आपूर्ति पर प्रभाव

वैश्विक आपूर्ति की जीवन रेखा है होर्मुज जलडमरूमध्य

ऊर्जा विश्लेषण कंपनी रिस्टैड एनर्जी के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 1.5 करोड़ बैरल कच्चा तेल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरता है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत है। यह मार्ग दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'चोकपॉइंट' माना जाता है। इसके उत्तर में ईरान स्थित है, और यही एकमात्र समुद्री मार्ग है जहां से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और ईरान का तेल और गैस निर्यात होता है। इसके बंद होने का अर्थ है वैश्विक आपूर्ति का गंभीर रूप से प्रभावित होना।


ईरान की चेतावनी

ईरान की खुली चेतावनी- जो गुजरेगा उसे आग लगा देंगे

ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कमांडर इन चीफ के सलाहकार इब्राहिम जबारी ने पश्चिमी देशों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यदि कोई जहाज इस मार्ग से गुजरने की कोशिश करता है, तो रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और ईरानी नौसेना बिना किसी हिचकिचाहट के उन जहाजों को आग के हवाले कर देगी। ईरान का यह आक्रामक रुख समुद्र में दहशत का माहौल पैदा कर रहा है।


भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर संकट

भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर गहराया संकट

पश्चिम एशिया में कच्चे तेल की आपूर्ति ठप होने की आशंका से भारतीय कारोबारियों और आम जनता की धड़कनें तेज हो गई हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष लंबे समय तक चलता है, तो कच्चे तेल के साथ-साथ भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी भारी वृद्धि हो सकती है। हालांकि, भारत का पेट्रोलियम मंत्रालय इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंत्रालय के अधिकारियों और तेल कंपनियों के साथ आपात बैठक की है ताकि कच्चे तेल, एलपीजी और अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।