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थलापति विजय की पार्टी को मिला VCK का समर्थन, सरकार बनाने की राह आसान

थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) को विदुतलाई चिरुथाइगल काची (VCK) का बिना शर्त समर्थन मिला है, जिससे उनकी सरकार बनाने की संभावना बढ़ गई है। इस समर्थन के साथ, TVK की संख्या 119 विधायकों तक पहुंच गई है, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह समर्थन तमिलनाडु की राजनीति में एक नई दिशा का संकेत है। जानें इस महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम के बारे में और क्या बदलाव आ सकते हैं।
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थलापति विजय की पार्टी को मिला VCK का समर्थन, सरकार बनाने की राह आसान

राज्य में सरकार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

चेन्नई: थलापति विजय की पार्टी, तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK), अब राज्य में सरकार बनाने के अपने सपने को साकार होते देख रही है। विदुतलाई चिरुथाइगल काची (VCK) ने TVK को बिना शर्त समर्थन देने की घोषणा की है। इस महत्वपूर्ण समर्थन के साथ, TVK को कांग्रेस, वामपंथी दलों (CPI और CPI-M) और VCK का सहयोग मिल गया है। इन दलों के गठबंधन से विजय के समर्थकों की संख्या 119 तक पहुंच गई है, जो 118 विधायकों के बहुमत के आंकड़े से अधिक है।


समर्थन पत्र से समाप्त हुई सभी बाधाएं

VCK द्वारा TVK को समर्थन देने की घोषणा के बाद, विजय के लाखों समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। सरकार बनाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए, VCK के अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन ने TVK के नेता आधव अर्जुन को अपना आधिकारिक समर्थन पत्र सौंपा। इस महत्वपूर्ण मुलाकात की जानकारी दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की। इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद, विजय की सरकार गठन में आने वाली सभी बाधाएं समाप्त हो गई हैं, और अब उनकी पार्टी का सत्ता में आना लगभग निश्चित है।


नई राजनीतिक दिशा और VCK का समर्थन

इस महत्वपूर्ण राजनीतिक समझौते की पटकथा पहले से ही तैयार थी। हाल ही में TVK के वरिष्ठ नेताओं ने थिरुमावलवन से एक विशेष मुलाकात की थी, जिसके तुरंत बाद इस समर्थन की घोषणा की गई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की मौजूदा राजनीतिक स्थिति, सामाजिक न्याय की लंबी लड़ाई और जनहित के मुद्दों ने इन दोनों दलों को एक मंच पर ला खड़ा किया है। VCK, जो राज्य के दलित और बहुजन वोट बैंक पर मजबूत पकड़ रखती है, का विजय के नेतृत्व वाली पार्टी को समर्थन मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है। जानकारों का कहना है कि इस नए समीकरण से तमिलनाडु की जनता को एक नई और अलग तरह की राजनीति देखने को मिलेगी।